तय योजना के अनुसार, अरुण गाड़ी चला रहा था, जबकि मीनू साइड वाली सीट पर बैठी थी और मनोज पीछे की सीट पर था। जब मीनू अपने मोबाइल को देख रही थी तभी पीछे बैठे मनोज ने चाकू से उसका गला रेत दिया। कुछ ही देर बाद मीनू ने दम तोड़ दिया।
दोपहर 12 बजे घर से लेकर निकले, शाम 4:30 बजे की थी हत्या
आरोपी मनोज और उसका बेटा अरुण दोपहर करीब 12 बजे मीनू को लेकर घर से लेकर निकले थे और सीधे भद्रकाली सिद्धपीठ मंदिर में जाकर प्रसाद चढ़ाया। करीब 4:30 बजे लौटते समय उन्होंने मीनू की हत्या कर दी। इसके बाद शव को मध्य गंगा नहर की पटरी पर डाल दिया था। मीनू की हत्या के बाद वह दो दिन का नहीं सो सका।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दुनिया की नजरों में उसका बेटा अर्जुन मीनू का मुंह बोला भाई था, लेकिन दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। परिवार के लोगों को भी इसकी जानकारी मिल गई थी कि मीनू जिसे सबके सामने मुंह बोला भाई बुलाती है, असल में उनका रिश्ता कुछ और है।
यह था मामला
पूठा गांव निवासी मीनू पत्नी लवली चौधरी का शव 20 मई को हस्तिनापुर में भद्रकाली चौकी के पास पड़ा मिला था। फिलहाल वह अपने पति के साथ इंद्रापुरम में रह रही थी, जबकि उसका मायका गाजियाबाद के सर्वोदय नगर विजय नगर में है।
हस्तिनापुर थाना, Hastinapur Police Station
- फोटो : अमर उजाला
चौकी पर पुलिस होती तो शायद हत्या न होती
आरोपियों ने मीनू की हत्या के बाद शव को भद्रकाली चौकी से करीब 200 मीटर दूर फेंक दिया था। उन्हें पता था कि चौकी पर स्टाफ नहीं है। दरअसल, इस समय थाने में पुलिस फोर्स की भारी कमी है। भद्रकाली चौकी पर एक उपनिरीक्षक और एक सिपाही तैनात है। उनकी ड्यूटी इन दिनों पलड़ा गांव में चल रही है। नौ अप्रैल को पलड़ा निवासी विशु की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से गांव में पीएसी तैनात है।
हस्तिनापुर थाना, Hastinapur Police Station
- फोटो : अमर उजाला
पकड़े गए आरोपी से पूछताछ में काफी जानकारी मिली है। इस मामले में एक आरोपी अभी फरार चल रहा है, जिसने पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है। जल्दी ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - कमलेश बहादुर, एसपी देहात