खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग (एफडीए) ने सोमवार देर रात गोपनीय कार्रवाई कर करीब 18 लाख रुपये की दवा सीज कर दीं। दवाएं अवैध तरीके से दिल्ली से लाई गईं थीं। अधिकारियों ने दस सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं। मेडिकल थाने में दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
विभाग को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि दिल्ली से बड़े पैमाने पर दवाएं खैरनगर बाजार में लाईं जा रही थीं। ड्रग इंस्पेक्टर लवकुश प्रसाद ने बताया है कि सोमवार रात विभाग को जानकारी मिली कि तेजगढ़ चौराहे पर एक टाटा मैजिक पहुंचने वाली है। इसमें टैक्स चोरी कर लाई गईं दवाएं हैं। ड्रग विभाग की टीम ने करीब 11 बजे पुलिस की मदद से जाल बिछाया।
जैसे ही गाड़ी तेजगढ़ी पर पहुंची तो उसे रोक लिया गया। गाड़ी में बैठे छीपीटैंक निवासी गणेश अरोड़ा और ड्राइवर मुस्तकीम से पूछताछ की गई। लेकिन वे सही जानकारी नहीं दे पाए। उन्होंने यह नहीं बताया कि दवा कहां से ला रहे थे और किसको सप्लाई करनी हैं। कोई बिल भी नहीं दिखाया। पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया। मंगलवार सुबह उन्हें जेल भेज दिया।
महंगी हैं सभी दवाएं
पकड़ी गईं दवाएं बेहद महंगी हैं। इसमें एंटी बायोटिक, एंटी एलर्जी से लेकर महंगी दर्द निवारक दवाएं शामिल हैं। ड्रग इंस्पेक्टर संदीप चौधरी का कहना है कि करीब 98 तरह की दवाएं और सर्जिकल आयटम पकड़े गए हैं।
ड्रग विभाग की कहानी समझ के बाहर
भारी मात्रा में दो नंबर की दवा व सर्जिकल आइटम पकड़े जाने के बाद भले ही ड्रग अपनी कमर थपथपा रहा हो, लेकिन उसकी तेजगढ़ी पर दवा पकड़े जाने की थ्योरी समझ में नहीं आ रही है। एक तरफ दावा किया जा रहा है कि गाड़ी में पकड़ा गया मुस्तकीम भूसा मंडी और गणेेश अरोड़ा छीपीटैंक का रहने वाला है, जो सिटी रेलवे स्टेशन से दवा लोड करके ला रहे थे। अब सवाल उठता है कि जब खैरनगर शहर के बीच में है तो फिर वो तेजगढ़ी पर क्या लेने गये थे। जब इस बारे में ड्रग इंस्पेक्टर लवकुश से पूछा गया तो वो यह कह कर किराना कर गये कि दवा सप्लायर व ड्राइवर कुछ भी नहीं बता रहे हैं।