मेरठ। मेडिकल कॉलेज को रक्त से प्लाज्मा अलग करने के लिए रेफ्रिजरेटेड सेंटरीफ्यूज मशीन मिल गई है। इसके लखनऊ से सोमवार तक आने की उम्मीद है। इसके बाद ड्रग्स इंस्पेक्टर निरीक्षण कर संचालन की अनुमति देंगे। इसके पश्चात रक्त से प्लाज्मा अलग करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा रक्त से प्लाज्मा अलग करने की मशीन के लिए शासन से पत्राचार किया जा रहा था। इसे अब अमली जामा पहनाया जा सका है। प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि कोरोना के जो मरीज स्वस्थ हो चुके हैं और उनका 28 दिन का समय पूरा हो चुका है। वे तीन महीने तक प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं। इन मरीजों की सूची तैयार की जा रही है। प्लाज्मा सेपरेटर सोमवार तक लखनऊ से आ जाएगी। इसकी कीमत करीब 20 लाख रुपये है। मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग की टीम प्लाज्मा थेरेपी देने में कुशल है। जिस मरीज पर रेमडेसिवीर दवा असर नहीं करती है तो उसे प्लाज्मा थेरेपी दी जा सकती है।