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स्वास्थ्य विभाग में सरकार का आदेश किनारे

Fri, 24 Mar 2017 02:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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भर्ती प्रक्रिया में भारी धांधली के लिए चर्चित रहे स्वास्थ्य विभाग के ऊपर एक बार फिर से सवाल उठ रहे हैं। शासन भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना चाहता है, जिसके लिए प्रमुख सचिव ने सभी खाली पदों का ब्योरा मुहैया कराने को कहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग खाली पदों को नियुक्तियां कर उन्हें भरा हुआ दिखाना चाहता है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग में कई पदों को लेकर साक्षात्कार प्रक्रिया होने जा रही है।
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 केंद्र सरकार की तर्ज पर प्रदेश की भाजपा सरकार समूह क, ख, ग व घ संवर्ग की नियुक्तियों में साक्षात्कार प्रक्रिया खत्म करना चाहती है। सरकार अब सिर्फ लिखित परीक्षा और शैक्षिक योग्यता के हिसाब से मेरिट बनाकर सलेक्शन करना चाहती है। इस बात का स्पष्ट तौर पर जिक्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शपथ लेने के अगले दिन ही कर दिया था। सरकार सारे काम को प्राथमिकता पर लेकर चल रही है जिसको लेकर मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने सभी विभागों के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर नियमित, संविदा, आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरे पदों व रिक्त पदों का ब्योरा तत्काल मुहैया कराने का आदेश दिया। सभी विभागों को 30 मार्च तक मुख्य सचिव को ब्योरा देना है। मुख्य सचिव के आदेश पर सभी विभागों के प्रमुख सचिवों ने जिलों से ब्योरा मांग लिया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग में खेल शुरू हो गया है। सरकार का आदेश जारी होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग खाली पद भरने की कवायद में लगा है। शासनादेश को दरकिनार करते हुए साक्षात्कार लिये जा रहे हैं जबकि आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 22 मार्च के बाद रिक्त पदों का ब्योरा मुहैया कराया जाये।

पूर्व जिलाधिकारी ने रोके रखी थी भर्ती प्रक्रिया
सीएमओ डॉ. वीपी सिंह की निगरानी में जिन पदों को लेकर भर्ती प्रक्रिया को लेकर कोशिश की जा रही है। वही भर्ती प्रक्रिया बीते तीन साल से विवादों में है। पूर्व जिलाधिकारी पंकज यादव ने तीन बार साक्षात्कार कराने का प्रयास किया, लेकिन हर बार स्वास्थ्य विभाग ने नियुक्ति के नाम पर खेल कर दिया। एडीएम वित्त ने अपनी जांच रिपोर्ट में दो लोगों को नियुक्ति के नाम पर धांधली करने और धनराशि इकट्ठा करने का दोषी पाया था। लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग फिर से सरकार की मंशा के खिलाफ जाकर नियुक्ति करने में जुटा है।
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