मेरठ। लोहिया नगर और शताब्दी नगर में निर्मित-अर्द्धनिर्मित 875 समाजवादी लोहिया आवास एमडीए अब बिल्डर्स को बेचेगा। संबंधित अधिशासी अभियंताओं ने जमीन की कीमत तथा निर्माण के खर्च की गणना कर रिपोर्ट सौंप दी है। यह आवास बिल्डरों को बेचने का प्रस्ताव बनाकर सचिव के पास भेजा जा चुका है, जो 23 फरवरी को होने वाली बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा।
सपा सरकार ने 2014-15 में जिले में 1500 लोहिया आवास बनाने का लक्ष्य दिया था। एमडीए ने शताब्दी नगर में 570 और लोहिया नगर में 305 आवास बनाने का काम शुरू किया। तय हुआ कि शताब्दी नगर में टाइप ए के 120 आवास करीब 18 करोड़, टाइप बी के 170 आवास करीब 24 करोड़ और टाइप सी के 280 आवास करीब 30 करोड़ के बनेंगे। वहीं, लोहिया नगर में टाइप एक के 150 आवास करीब 24 करोड़ और टाइप बी के 26 करोड़ रुपये के बनेंगे। एमडीए ने इन आवासों का बनाने का काम शुरू कर दिया। बाद में इनका निर्माण रुक गया। वर्तमान में दोनों जगह कई आवास निर्मित और कई अर्द्धनिर्मित हैं। एमडीए अफसरों का कहना है कि इन आवासों के प्रति लोगों ने रुचि नहीं दिखाई। तय किया गया है कि अब इन आवासों को बल्क (एक साथ) बिल्डर्स को बेचा जाएगा।
एमडीए के मुख्य अभियंता वीके सोनकर का कहना है कि लोहिया नगर व शताब्दी नगर के समाजवादी लोहिया आवास के प्रस्ताव को लेकर फाइल आई है। मगर उसे पढ़ा नहीं है। अभी कुछ नहीं कह सकते।