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एमडीएम के पास नहीं जमीन, कैसे बने मल्टीलेवल पार्किंग, जाम से जूझता रहेगा मेरठ

Sun, 03 Jan 2021 12:10 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

- एमडीए ने जमीन न होना बताकर मल्टीलेवल पार्किंग बनाने से किया इंकार
- शिकायत निवारण प्रणाली में पूछे प्रश्न का जिलाधिकारी को दिया जवाब
- हर बार कमिश्नर की बैठक में पार्किंग को लेकर होती है चर्चा
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मेरठ विकास प्राधिकरण कार्यालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ में कई साल से मल्टीलेवल पार्किंग की आस में बैठे शहरवासियों को करारा झटका लगा है। एमडीए ने जिलाधिकारी को दिए गए जवाब में शहर में मल्टीलेवल पार्किंग बनाने से साफ इंकार कर दिया है। इसका कारण जमीन न मिलना बताया गया है। ऐसे में साफ है कि शहर में रोजाना लोग ऐसे ही जाम से जूझते रहेंगे।

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शहर के चारों तरफ हाईवे का जाल बिछाया जा रहा है। लेकिन शहर के चौराहों और मुख्य मार्गों पर रोजाना लगने वाले जाम से निपटने के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई जा रही है।

हर बार कमिश्नर की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में जाम को खत्म करने को लेकर प्लान तैयार किए जाते हैं। उस समय कभी भी ऐसा जवाब नहीं दिया जाता है, लेकिन जमीन न मिलने का कारण ऐसा बताया गया है जैसे कोई दूसरा विभाग इन सुविधाओं के लिए जमीन खोजेगा।
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यही हाल रहा तो आगे आने वाले वर्षों में शहर में पार्किंग की सुविधा न होने से जाम की समस्या विकराल रूप ले लेगी। वहीं, नगर निगम की ओर से भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हर बार अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जाता है लेकिन सड़क से एक इंच भी अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है। ऐसे में जाम और अतिक्रमण की समस्या शहरवासियों को यूं ही झेलनी पड़ेगी।

रैपिड और मेट्रो का किया बहाना
इसके लिए आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश कुमार खुराना ने शिकायत निवारण प्रणाली के अंतर्गत जवाब मांगा था। इसमें एमडीए ने लिखा है कि मल्टीलेवल पार्किंग के लिए न्यूनतम 18 मीटर चौड़े मार्ग पर एक हजार वर्ग मीटर भूमि की जरूरत है।

अभी इसके लिए भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है। वहीं, रैपिड और मेट्रो के शहर में आ जाने से जाम की समस्या खत्म हो जाएगी। ऐसे में एमडीए रैपिड और मेट्रो का बहाना बनाकर खुद पल्ला झाड़ रहा है। इससे साफ है कि एमडीए के पास खुद कोई प्लानिंग नहीं है।

टाउन हॉल में बना था प्रस्ताव
शहर में कई वर्षों पहले घंटाघर स्थित टाउन हॉल में पार्किंग बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। वहीं, एक वर्ष पहले तत्कालीन एमडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार पांडेय और नगरायुक्त ने भी संयुक्त निरीक्षण कर नगर निगम परिसर में भी मल्टीलेवल पार्किंग का प्रस्ताव तैयार किया था, लेकिन एक भी स्थान पर अभी तक रूपरेखा भी तैयार नहीं हो सकी है।
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