मेरठ। आवास विकास क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माणों पर अधिकारी अब जाग रहे हैं। हालांकि, अभी भी नोटिस-नोटिस का खेल चल रहा है। शासन तक अवैध निर्माणों का मामला पहुंचने के बाद भी एमडीए ने आवास विकास को सीलिंग अधिकार देने से मना कर दिया है। ऐसे में आवास विकास के अधिकारी लगातार एमडीए अधिकारियों से संपर्क करते हुए अवैध निर्माणों पर सील लगाने की पैरवी कर रहे हैं।
पिछले छह महीने से तेजगढ़ी पर बन रहे व्यावसायिक इमारत पर आवास-विकास के पूर्व के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की, यहां तक की एमडीए से सीलिंग के अधिकार तक नहीं मांगे गए। अब कार्यभार संभालते हुए अधिशासी अभियंता नीरज कुमार ने सह-सचिव की वीडियो कॉन्फ्रेसिंग में इस मामले को प्रमुखता से साथ रखा। वहीं, अन्य अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई करने के लिए सीलिंग के अधिकार मांगे। बृहस्पतिवार को एक बार फिर आवास विकास के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार ने एमडीए उपाध्यक्ष मृदुल चौधरी से मुलाकात की, लेकिन उपाध्यक्ष ने सीलिंग के अधिकार देने से साफ इंकार कर दिया। उपाध्यक्ष ने उनसे सीलिंग की कार्रवाई करने के लिए अवैध निर्माणों की सूची मांगी है।
कब लगाएंगे सील जब संचालन शुरू हो जाएगा
अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। पिछले छह महीने से तेजगढ़ी चौराहे पर तीन मंजिला इमारत बनकर खड़ी हो गई है, लेकिन तुरंत कार्रवाई करने की बजाय अभी तक विभाग के अधिकारी एक-दूसरे के पाले में गेंद डाल रहे हैं। ये हाल तब है जबकि आवास विकास के अधिकारी खुद निर्माण को अवैध बता रहा है। वहीं, निर्माण पर लगातार कार्य किया जा रहा है। पुट्टी होने के बाद जल्द यहां व्यावसायिक कार्य शुरू हो जाएंगे।