दिव्यांगों के लिए नहीं बन सका पार्क
शताब्दीनगर में दिव्यांगजन पार्क बनाने के लिए टेंडर फाइनल हुआ। तीन माह पहले निर्माण भी शुरू हुआ पर किसानों के विरोध के चलते काम अधर में लटक गया है। सर्किट हाउस, जेल चुंगी चौराहे के सौंदर्यीकरण की योजना बनाई गई। एपेक्स ग्रुप एमडी अतुल गुप्ता ने सर्किट हाउस चौराहे का गोद लिया।
कार्य शुरू हुआ, लेकिन डिजाइन में खोट की वजह से दुर्घटना का अंदेशा जताते हुए इसे रोक दिया गया। सर्किट हाउस से बुलाकी दास चौराहे तक डिवाइडर का कार्य भी नहीं शुरू हो सका। सर्किट हाउस में वॉकिंग ट्रैक और सौंदर्यीकरण की भी सिर्फ योजना ही बनी। इसके कई बार टेंडर निकाले गए लेकिन इस कार्य को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
अगले एक सप्ताह में सभी प्रोजेक्ट तेजी पकड़ेंगे। सर्किट हाउस में पाथ-वे के लिए मिट्टी डालनी शुरू कर दी है। -चंद्रपाल तिवारी, सचिव एमडीए
जो भी प्रोजेक्ट लंबित हैं, उनको लेकर जवाब मांगा जा रहा है। सभी काम तेजी से कराए जाएंगे। - दीपक मीणा, डीएम एवं प्रभारी वीसी एमडीए
जाम से जूझ रहा शहर, एक मल्टीलेवल पार्किंग नहीं बनी
शहर जाम से जूझ रहा है, लेकिन एमडीए शहर को एक मल्टीलेवल पार्किंग तक नहीं दे सका। एमडीए परिसर में दोपहिया वाहनों के लिए बेसमेंट में बनी पार्किंग भी बंद हो गई है। कलक्ट्रेट, एसएसपी ऑफिस, कमिश्नरी, एमडीए दफ्तर के बाहर प्रतिदिन सैंकड़ों कारें सड़क पर ही पार्क होती हैं। कई बार ट्रैफिक पुलिस सड़क पर खड़े वाहनों को उठाकर भी ले जाती है।
अवैध निर्माण होने पर ही गरजता है बुलडोजर एमडीए शहर में अवैध निर्माणों पर भी शिकंजा नहीं कस पा रहा है। अधिकांश मामलों में बुलडोजर भी तब गरजता है जबकि निर्माण पूरा हो चुका होता है।