बदले में मिले भूमि या कीमत
निगम प्रशासन का कहना है कि कोई भी विभाग अगर दूसरे विभाग की भूमि का प्रयोग करता है तो उसके एवज में भूमि उपलब्ध कराएगा या फिर भूमि की कीमत देगा। एमडीए और आवास विकास ने इनमें से कोई कदम नहीं उठाया है। जबकि नगर निगम को भूमि की जरूरत है।
पूर्व में भी हो चुका है पत्र व्यवहार
एमडीए और आवास विकास से भूमि की कीमत वसूली के लिए पूर्व में भी नगर निगम पत्र व्यवहार कर चुका है। एक बार नगर निगम ने आवास विकास से धनराशि वसूली के लिए शास्त्रीनगर स्थित कार्यालय पर ताला जड़ दिया था। बाद में उच्चाधिकारियों के कहने पर ताला खोला गया। अब नगर निगम प्रशासन ने फिर से पत्र जारी किया है।