बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती सोमवार को क्रांतिधरा में भाजपा पर जमकर बरसी। उन्होंने मंच से कहा कि बीजेपी की केंद्र और प्रदेश की सरकार दलित, पिछड़ा और व्यापारी विरोधी है। बीजेपी के लोग चुप नहीं बैठे, दलित वोट बैंक को तोड़ने के लिए एक दलित को राष्ट्रपति बना दिया।
वहीं उन्होंने सहारनपुर हिंसा की याद दिलाई। कहा 18 जुलाई 2017 को शब्बीरपुर गांव के मुद्दे पर बोलना शुरू किया तो उन्होंने मुझे बोलने नहीं दिया। मायावती ने आरोप लगाया कि सभी मंत्री और नेताओं ने हंगामा शुरू कर मुझे बोलने नहीं दिया। जिसके चलते लोगों के हितों को देखते हुए मैंने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। विधानसभा चुनाव में वोटिंग मशीन में गड़बड़ी कर भाजपा ने हमारी पार्टी को नुकसान पहुंचाया। सोची समझी रणनीति के तहत ईवीएम में गड़बड़ी कर सबसे ज्यादा नुकसान बसपा को पहुंचाया। शब्बीरपुर हिंसा भाजपा की सोची समझी साजिश थी। शब्बीरपुर में भाजपा नेताओं ने भड़काऊ और उत्तेजना वाले भाषण देकर घटना को और बड़ा कर दिया था। मायावती ने कहा कि मेरी हत्या का भी प्लान बनाया हुआ था जिसमें सफल नहीं हो सके। चाहे बीजेपी की वोट से या हमारी वोट से लेकिन, एक दलित को राष्ट्रपति बनाने का सपना पूरा हो गया। उत्तर प्रदेश में यूपी पुलिस की भर्ती पर बोलते हुए कहा कि पहली बार हमने ईमानदारी से भर्ती की थी। किसान कर्ज माफी पर भाजपा सरकार ने झूठ बोला।
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