हम ख्याल फाउंडेशन द्वारा लिसाड़ी गेट में आयोजित सम्मेलन कविता सुनाते कवि। स्त्रोत स्वयं
- फोटो : बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय में गणतंत्र दिवस पर सांस्कृतिक प्रस्तुति देते हुए छात्र-छात्राएं। स्रोत : विवि
लिसाड़ी गेट हाजी आदिल चौधरी मार्केट में मंगलवार को एक शाम देश के नाम कवि सम्मेलन मुशायरा हुआ। कवि सुमनेश सुमन ने पढ़ा, मेरा अरमान रह जाए, वतन की शान रह जाए, ज़माने में सुमन गंगाजली पहचान रह जाए।
कवि ओंकार गुलशन ने सुनाया, प्यार का गीत गा के पछताए, तुमसे नज़रे मिला के पछताए, तुम मेरे हो के भी नहीं मेरे, तुमको अपना बना के पछताए। कवि ईश्वर चंद गंभीर न पढ़ा कि अपने मुक्तक पढ़ा कर श्रोताओं को ग़दग़द कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ अधिवक्ता अमित कुमार दीक्षित ने किया। मीरापुर से आए शायर ताहिर कमर मीरापुरी, बुलंदशहर से आए शायर फहीम कमालपुरी, हास्य शायर फुरसत जमाल डम डम और रचना वानिया ने भी कविता पाठ किया। कार्यक्रम में एडवोकेट जितेंद्र सिंह पांचाल, जीशान कुरैशी, महताब राणा एडवोकेट, सलीम सैफी और अब्दुल कय्यूम एडवोकेट आदि उपस्थित रहे।