विद्युत विभाग के अफसर व्यवस्था में बदलाव के कितने भी दावे करें, लेकिन हकीकत इससे अलग है। पीवीवीएनएल की सेवा 1912 पर गत वर्ष करीब आठ लाख शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से 7.9 लाख शिकायतों का निस्तारण हुआ। इसमें विद्युत आपूर्ति की शिकायतें सर्वाधिक रहीं। जबकि मीटर डिफेक्ट से जुड़ी शिकायतें दूसरे और बिल संबंधी शिकायतें तीसरे नंबर पर रहीं।
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) ने उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए वर्ष-2017 में कॉल सेंटर 1912 की स्थापना की गई। इसके तहत बिजली सप्लाई, बिल, नए कनेक्शन की सुविधा दी गई। धीरे-धीरे लोग इस पर बिजली चोरी व ट्रांसफार्मर खराब जैसी शिकायतें दर्ज कराने लगे। वर्ष 2019 में यहां 7,77,321 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से 7,67,085 शिकायतों का निस्तारण किया गया। खास बात यह रही कि विद्युत आपूर्ति की सर्वाधिक 591557 शिकायत दर्ज की गईं। दूसरे नंबर पर मीटर डिफेक्ट की 78684 और तीसरे पर 40601 बिल से जुड़ी शिकायतें आईं। करीब 10 हजार शिकायतें लंबित हैं। जिनका विवरण एमडी ने तलब किया है।
ऐसे होता है शिकायत का निस्तारण
1912 नंबर डायल करने के बाद ऑपरेटर शिकायत सुनता है। उपभोक्ता की आईडी सिस्टम पर डालते ही पोल नंबर, मीटर रीडिंग, बिल, लोकेशन सिस्टम पर दिखाई देनेे लगती है। शिकायत दर्ज कर उसे उसे संबंधित बिजलीघर के अवर अभियंता, उपखंड अधिकारी, एक्सईएन और एसई को भेजा जाता है। उपभोक्ता को मैसेज के जरिए समस्या निराकरण की जानकारी दी जाती है।
2019 में शिकायतों की स्थिति -
जोन पंजीकृत निस्तारित
बुलंदशहर 143292 140204
गाजियाबाद 123895 123434
मेरठ 140837 138137
मुरादाबाद 179111 177195
नोएडा 61742 61168
सहारनपुर 128444 126947
वर्जन -
उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निस्तारण में 1912 सेवा कारगर साबित हुई है। हर माह मॉनीटरिंग की जाएगी। उपभोक्ता विद्युत चोरी से जुड़ी शिकायत भी इस पर दर्ज करा सकता है। - अरविंद मल्लप्पा बंगारी, एमडी, पीवीवीएनएल