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गंगा यात्रा से ग्रामीण प्रभावित, स्वच्छता अभियान चलाया

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जलालपुर जोरा के ग्रामीण गंगा घाट बने गंगा आरती के चबुतरे की सफाई करते हुए। - फोटो : MAWANA
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हस्तिनापुर। धर्म और आस्था को संजोए गंगा यात्रा ने दो दिनों तक क्षेत्र को अनेक रुप दिखाए और आगे निकल गई। अब इसका प्रभाव यहां के लोगों में दिखना शुरू हो गया है। लोगों ने गंगा व हस्तिनापुर को पुराने स्वरूप में लाने के लिए कार्य शुरू कर दिया है। प्रतिदिन गंगा आरती और गंगा किनारों को स्वच्छ बनाने का संकल्प लिया है।
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गंगा की निर्मलता और अविरलता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए गंगा यात्रा शुरू की गई। मखदूमपुर गंगा घाट पर भव्य आरती की गई। इसके साथ यात्रा में गंगा को रोजगार से जोड़ने का भी संदेश दिया गया। जो लोगों को घर कर गया। इससे लोग काफी प्रभावित हुए। जिसका स्वरूप बुधवार सुबह देखने को मिला। जब जलालपुर जोरा गांव के लोग गंगा किनारे पहुंच गए और गंगा की मंत्रोच्चारण से पूजा की। भव्य आरती के बाद तट पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान लोगों ने सफाई की। वहीं, निरंतर इस क्रम को जारी रखने की बात कही।
रोजनाना आरती करनी चाहिए
पतित पावनी गंगा सिर्फ संस्कृति और आस्था नहीं बल्कि हमारी जीवनधारा भी है। हिंदू धर्म में मुक्ति का मात्र साधन गंगा मैया है रोज गंगा आरती करनी चाहिए। - बाबा सुखराम गंगा पुजारी, जलालपुर जोरा
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मन विरल हो गया
गंगा यात्रा के दो दिनों में ही हमनें गंगा का महत्व जाना। महाआरती की क्षेत्र में गूंजती ध्वनि ने मन को विरल बना दिया। इस लिए बुधवार सुबह हम गंगा किनारे पूजा करने पहुंच गए। - कमर पाल भाटी
स्वच्छता के लिए योगदान देना होगा
गंगा की धारा में रोजगार बह रहा है। हमें गंगा को स्वच्छ बनाने में योगदान देना होगा और इसके प्रति लोगों को जागरूक करना होगा। गंगा यात्रा से गांव का कायाकल्प हुआ है। - प्रीतम सिंह, पूर्व प्रधान
रोजगार के अवसर मिलेंगे
यात्रा से गंगा ग्रामों का कायाकल्प हुआ है। हम अपने गांव को विकसित करेंगे और हमें यहां से रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। प्रतिदिन गंगा के किनारे साफ-सफाई में योगदान देंगे। - बिरजू सिंह
गंगा चबूतरे पर आरती की
गंगा चबूतरे पर पहुंचकर मां गंगा पूजन के साथ आरती की। यात्रा से क्षेत्र को नई दिशा मिली है। ग्रामीण काफी परेशान हो गए हैं। गंगा किनारे बसे गांवों के लोगों संकल्प लेना चाहिए कि वह गंगा को स्वच्छ बनाने में योगदान दें। जिससे सरकार की गंगा को पुराने स्वरूप में लौटाने की मंशा पूरी हो सके। - मुन्नी देवी, ग्राम प्रधान जलालपुर जोर
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