बता दें कि अफगानिस्तान के हेलमंद प्रांत के मूसाकला जिले में तालिबान के एक अड्डे पर अमेरिका-अफगानिस्तान की संयुक्त कार्रवाई में अलकायदा (एक्यूआईएस) का प्रमुख आसिम उमर मारा गया था। कहा गया कि आसिम मूलरूप से संभल का रहने वाला था और वर्ष 1991 में उसने दारुल उलूम से ग्रेजुएशन किया था।
साजिश के तहत दारुल उलूम को बदनाम किया जा रहा : गोरा
जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक आलिम-ए-दीन मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि दारुल उलूम एक दीनी मजहबी और तालीमी इदारा है। यहां पर अमन शांति और भाईचारगी की तालीम दी जाती है। इसके साथ ही शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों को यह नसीहत दी जाती है कि वह जहां रहे अमन से रहें और शांति का संदेश दें। कारी इस्हाक ने आतंकी आसिम उमर का नाम दारुल उलूम से जोड़े जाने को एक साजिश करार देते हुए कहा कि इससे पहले भी इस तरह की साजिशें रच जा चुकी हैं, लेकिन आज तक साजिशकर्ता इसमें कामयाब नहीं हुए। उन्होंने कहा कि जो लोग दारुल उलूम का नाम बदनाम कर रहे हैं उनको चाहिए कि वह दारुल उलूम में आएं और आकर देखें कि यहां किस तरह की तालीम दी जाती है।
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