जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना सैय्यद महमूद मदनी
जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना सैय्यद महमूद मदनी ने श्रीलंका में बौद्ध भिक्षु ज्ञान रतन थैरो की मुसलमानों को पत्थरों से मारने की अपील पर चिंता जताते हुए कहा कि उनकी अपील नफरत फैलाने वाली है। इसलिए श्रीलंका सरकार को इस मामले में सख्त कदम उठाने चाहिए।
श्रीलंका में रविवार को हुई आतंकी घटना को लेकर बौद्ध भिक्षु रतन थैरो ने मुसलमानों को पत्थरों से मारने की अपील की थी। जिसको लेकर वहां का मुसलमान बेहद डरा और सहमा हुआ है। सोमवार को जारी बयान में मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि आतंकी घटना के बाद श्रीलंका का शासन प्रशासन घटना की जांच में जुटा है, लेकिन अभी तक यह साबित नहीं हुआ कि इन हमलों के पीछे मुसलमान या किसी मुस्लिम संगठन का हाथ है। इसके बावजूद वहां रहने वाले मुसलमानों के साथ जुल्म ज्यादती की जा रही है। जो बेहद चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि हमलों को लेकर बौद्ध भिक्षु का मुसलमानों को पत्थरों से मारने की अपील करना निंदनीय है। मदनी ने सवाल किया कि इंसानियत का कत्ल करने की अपील करने वाला यह कैसा धर्मगुरु है। किसी भी धर्म में इंसानियत को तरजीह दी गई है न कि उसका खून बहाने की। मौलाना मदनी ने श्रीलंका सरकार और प्रशासन से वहां रहने वाले मुसलमानों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और इस तरह की अपील करने वाले बौद्ध भिक्षु के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाने की मांग की है।
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