जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना महमूद मदनी
जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने हाथरस में हुई दुष्कर्म की घटना पर रोष जताते हुए कहा कि लगता है कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में कानून व्यवस्था नहीं है। इसके साथ ही मदनी ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़ा किया।
महमूद मदनी ने जारी बयान में कहा कि प्रदेश सरकार को राज्य के बुनियादी मुद्दों और कानून व्यवस्था में जरा भी दिलचस्पी नहीं है। यही वजह है कि प्रदेश में अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और जघन्य अपराधों को अंजाम दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हाथरस में जो कुछ हुआ, उसकी निंदा करने के लिए शब्द तक नहीं है। मौलाना मदनी ने कहा कि बेहद दुख की बात है कि पुलिस ने मानवाधिकारों का उल्लंघन करते हुए पीड़ित परिवार की अनुमति के बिना बिटिया के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार कर दिया। इससे बड़ा दुखद पहलू कुछ ओर नहीं हो सकता।
उत्तराखंड अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विकास निगम के पूर्व निदेशक मो मुजतबा मलिक और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष चौ. मेहरबान आलम ने कहा है कि प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। योगी सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं रह गया है।
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कमालपुर रोड पर मुजतबा मलिक के निवास पर पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हाथरस के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे राहुल गांधी व प्रियंका वाड्रा के काफिले पर पुलिस की दमनकारी कार्रवाई निंदनीय है।
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