भारत से युद्ध करने की पाकिस्तान की हैसियत नहीं है। 1965 के युद्ध में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए थे। आमने-सामने की लड़ाई में भारत का एक-एक सैनिक दस-दस दुश्मनों पर भारी पड़ता आया है। इस बार पाकिस्तान का पूरी तरह खात्मा होना चाहिए। ताकि रोज-रोज का झंझट ही खत्म हो जाए।
सहारनपुर की धरती पर ऐसे कई वीर सपूतों ने जन्म लिया है, जो पाकिस्तान की नाक में दम कर चुके हैं। भारतीय सेना में सिपाही रहे बड़गांव क्षेत्र के गांव शब्बीरपुर निवासी शंभू सिंह ने 1965 के युद्ध में पाकिस्तान को धूल चटाई थी। उनके रिश्तेदार दिनेश कुमार बताते हैं कि शंभू सिंह फोर राजपूत रेजीमेंट में तोप चलाते थे। उन्होंने दुश्मन के कई टैंक उड़ाए दिए थे। युद्ध के दौरान गोला उनके टैंक पर गिरने से वह शहीद हो गए थे। इतिहास गवाह है कि आमने-सामने की लड़ाई में भारतीय सेना का एक-एक जवान दस-दस दुश्मनों पर भारी पड़ता आया है। केंद्र सरकार ने इस बार सेना को खुली छूट दी है, जो सराहनीय कदम है। इसी वजह से आज पाकिस्तान में हाहाकार मचा है। हमारी वायुसेना पराक्रम दिखा चुकी है। जब जल-थल और वायुसेना के साथ हमला करेंगी तो कुछ ही घंटों में दुनिया के नक्शे से पाकिस्तान का नामो निशान मिट जाएगा। इस दिन का इंतजार हर भारतीय कर रहा है।