सरूरपुर गांव में फांसी के फंदे पर लटकी मिली विवाहिता
सरूरपुर। थाना क्षेत्र के सरूरपुर गांव में बुधवार रात विवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना का पता बृहस्पतिवार सुबह चला। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारा। परीक्षण के लिए फॉरेंसिक टीम भी मौके पर बुलाई गई। दोनों परिवारों की सहमति के बाद बिना पुलिस कार्रवाई के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सरूरपुर निवासी विकास उर्फ सोनू का अपनी पत्नी संगीता के साथ काफी समय से विवाद चल रहा था। विवाद के चलते काफी समय से संगीता अपने दो बच्चों के साथ मायके में रह रही थी। एक माह पहले समझौता होने पर वह ससुराल आ गई थी और अकेली रह रही थी। उसके दोनों बच्चे मायके में अपनी नानी के पास थे। बुधवार रात महिला ने कमरा बंद कर दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। सुबह जब पड़ोस की एक महिला ने किसी काम से उसे आवाज लगाई तो कोई हलचल नहीं हुई। महिला के देवर अंशुल को मौके पर बुलाया। दरवाजा नहीं खुला तो देवर दीवार कूदकर भीतर गया। उसने देखा कि भाभी संगीता कमरे में फांसी के फंदे पर लटकी थी। सूचना के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारा। महिला के मायके वाले भी मौके पर पहुंच गए। बिना किसी कार्रवाई के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
थाना प्रभारी दिनेश प्रताप सिंह का कहना है कि मृतका ने गृह क्लेश के चलते आत्महत्या की है। परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मौके से एक मोबाइल मिला है। इसके बावजूद पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
दंपती के बीच रहता था विवाद
मृतका की बड़ी बेटी वाटिका ने बताया कि उसका पिता विकास शराब पीने का आदी है। इस कारण मां-बाप के बीच विवाद रहता था। विवाद के चलते मां संगीता, बहन चीनू व उसे साथ लेकर मामा के यहां साल्हाखेड़ी मुजफ्फरनगर चली गई थी। पिता बाहर प्राइवेट नौकरी करते हैं। संगीता बच्चों का पालन पोषण करने के लिए सिलाई का काम करती थी। घटने से एक दिन पहले संगीता के साथ के रहने आए मामा के बेटे व बहन चीनू को मायके छोड़कर आई थी। बच्चों को अंदाजा नहीं था कि उसकी मां यह कदम उठा लेगी।