शासन स्तर से इस मामले में जांच बैठा दी गई है। इस प्रकरण में सरकारी सुरक्षा देने वाले अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। बाफर को सुरक्षा उपलब्ध कराने में इन दोनों की रिपोर्ट अहम रही थी।
जान का खतरा बताया था
कुख्यात सुशील मूंछ की गिरफ्तारी के बाद भूपेंद्र बाफर ने जान का खतरा बताया था, जिस पर डीएम, तत्कालीन एसएसपी और सीओ एलआईयू की रिपोर्ट पर बाफर को सुरक्षा मुहैया कराई गई। -अजय साहनी, एसएसपी मेरठ