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कान्हा पशु आश्रय स्थलों के निर्माण में बड़ा 'खेल', ऐसे किया गया रुपया हजम, ईओ से जवाब तलब

Tue, 25 Jun 2019 04:53 PM IST
कपिल kapil अजीत चौधरी, अमर उजालास, बिजनौर
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बिजनौर में लाखों रुपए की लागत से बनाई जा रही गोशाला - फोटो : अमर उजाला
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जिले भर में कान्हा पशु आश्रय स्थल बनाने में भारी गड़बड़झाला किया गया। रुपया हजम करने के लिए गोशालाओं में मनमाकिफ निर्माण किया गया। पशुशालाओं में इंटरलॉकिंग टाइल्स की सड़कें बनवाकर स्टीमेट बढ़ा दिया गया, जबकि क्षमता के विपरीत केवल दस प्रतिशत गोवंश ही इनमें आ सकते हैं। कमिश्नर के आदेश पर की गई जांच में इसका खुलासा हुआ। अब गोशाला के निर्माण में अनियमितता के मामले में ईओ को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस जारी होने से नगर पालिकाओं में हड़कंप मचा हुआ है। मामला यूपी के बिजनौर शहर का है। 

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कान्हा पशु आश्रय स्थल निर्माण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वरीयता वाली योजनाओं में शामिल है। जिले की भी 12 नगर पालिका व पंचायतों में कान्हा पशु आश्रय स्थल बनाने के लिए 31.20 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए। नगर पालिकाओं को 26.69 करोड़ रुपए आवंटित भी हो चुके हैं। इन गोशालाओं को 3400 गोवंश की क्षमता के अनुसार बनाया जाना था। मगर, नगर पालिकाओं ने शासन की मंशा के विपरीत कम क्षमता वाली गोशाला बनवाई। इनका उल्लेख शासन को भेजी डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) में भी किया। जब जांच की गई तो कुछ और ही मामला निकलकर सामने आया। दस नगर पालिका द्वारा बनाई गई गोशाला में केवल 686 पशु ही आ सकते हैं। कुछ नगर पालिकाओं ने तो डीपीआर में यह बताने से ही हाथ खड़े कर दिए कि उनकी गोशाला में कितने पशु आ सकते हैं। करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी अब भी सड़कों पर गोवंश को निराश्रित घूमते हुए देखा जा सकता है। मामला पकड़ में आने के बाद अब हड़कंप मचा हुआ है। कुछ नगर पालिकाओं ने आनन फानन में कुछ और काम कराने शुरू किए हैं। गोशाला बनाने वाली सभी नगर पालिकाओं के ईओ से इस मामले में जवाब तलब किया गया है।

ऐसे किया गया रुपया हजम
गोशाला में निर्माण कार्य में धन मनमाने तरीके से लगाया गया। गाय को रखने वाले कमरों में टाइल्स लगाई गईं। कुछ जगह पर गोशाला के अंदर सड़क तक बनवाई गई। जबकि कुछ जगह पर गोशाला के नाम पर गायों के लिए टीन शेड ही डलवाई गई व बाउंड्री वॉल कराई गई। नहटौर में कॉलोनी व नलकूप की जगह को भी गोशाला में ही दर्शा दिया गया।

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नहीं बनवाए गोबर गैस संयंत्र
गोशालाओं में गोबर गैस संयंत्र भी लगाया जाना था। गोशाला में ही गोबर का निस्तारण कर उसे गैस बनाई जाती व शेष को खाद के रूप में बेचा जाता। लेकिन किसी भी गौशाला में गोबर गैस संयंत्र नहीं बनाया गया है। साथ ही भूसा रखने के लिए गोदाम का निर्माण भी मानकों के अनुरूप नहीं कराया गया।

लाखों रुपए में बनवाई केवल बाउंड्री वॉल व टीन शेड
नहटौर में 50 लाख रुपए खर्च करके एक हॉल ही बनवाया गया है। नहटौर में गोशाला की क्षमता 300 पशुओं की थी, लेकिन जांच में पाया गया कि यहां पर केवल 25 पशु ही आ सकते हैं। बिजनौर नगर पालिका में भी 60 लाख रुपए खर्च करके बाउंड्री वॉल बनाने के अलावा केवल दो कमरे बनवाए गए हैं। अब वहां फिर से कुछ कार्य शुरू किया गया है।

नगर पालिका    स्वीकृत धन    मिला धन
शेरकोट              232.46    232.46
चांदपुर              212.64    212.64
किरतपुर           232.41    232.41
झालू                209.40    209.40
नूरपुर               212.50    212.50
जलालाबाद       232.45    232.45
मंडावर            203.58    203.58
बिजनौर          289.42    289.42(लगाया 60 लाख)
नहटौर            303.62    303.62(लगाया 50 लाख)
अफजलगढ     265    165
नजीबाबाद     397    397
साहनपुर        232.45    232.45
कुल             31.20    26.69
नोट:उ क्त राशि लाख रुपये में है। बिजनौर, नहटौर व नजीबाबाद में अब भी काम चल रहा है।
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नगर पालिका    तय पशु क्षमता    डीपीआर के अनुसार    वास्तविक पशु क्षमता
शेरकोट                    300                   300                   120
चांदपुर                      200                   200                    21
किरतपुर                    300                   300                     70
झालू                          300                    150                   60
नूरपुर                         200                     पता नहीं            25
जलालाबाद                  300                        300              90
मंडावर                        300                         पता नहीं       25
बिजनौर                       300                         200             200
नहटौर                          300                         पता नहीं       25
अफजलगढ़                    300                निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ।
नजीबाबाद                        300           निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ।
साहनपुर                         300                         300             50
कुल                                 3400                      1650            686
नोट: डीपीआर संबंधित नगर पालिका ने भेजी है। वास्तविक पशु क्षमता दस नगर पालिकाओं की है।

नगर पालिका        रखे गए पशु
शेरकोट    27
चांदपुर    30
किरतपुर    20
झालू     39
मंडावर        20
नूरपुर            29
जलालाबाद        07
बिजनौर        24
नहटौर            08
साहनपुर        12
अफजलगढ़        05
नजीबाबाद        04
कुल पशु        225

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