महापौर आवास पर पहुंचे पार्षदों ने कहा कि जब बसपा सुप्रीमो का जन्मदिन होता है तो उन्हें याद किया जाता है। वरना पार्टी में उनकी उपेक्षा की जाती है। तीनों का आरोप है कि बसपा के प्रदेश अध्यक्ष मुनकाद अली ने बयान दिया कि पार्षदों के जाने से बसपा पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उनका यह बयान बहुत ही गलत है।
पार्टी ने किया विश्वासघात
अब तक बसपा के 17 पार्षदों ने इस्तीफा दिया है। पार्टी ने उनके साथ विश्वासघात किया है। गलत तरीके से उन्हें निकाला है। पार्षद को लेकर प्रदेश अध्यक्ष का बयान गलत है। पार्षद जनता से चुनकर आता है और वह 20 से 25 हजार वोटों पर बनता है।
- सुनीता वर्मा, महापौर
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/