मवाना। पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के मार्गदर्शन में पतंजलि योग समिति व भारत स्वाभिमान ट्रस्ट (न्यास) के संयुक्त नेतृत्व में 12 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष में तीन दिवसीय निशुल्क योग शिविर का शुभारंभ हुआ। आकांक्षा कुंज कॉलोनी में आयोजित योग शिविर का शुभारंभ मंत्रोच्चारण के साथ हुआ।
योग शिक्षक यज्ञदेव धीमान ने सूक्ष्म क्रिया अंगुली चालन, गर्दन चालन, कटिचक्रासन, घुटने चालन क्रिया आदि सूक्ष्म क्रियाओं का साधकों को अभ्यास कराया। इसके बाद ताड़ासन, ग्रीवा चालन, त्रिकोणासन पादोत्थानासन का अभ्यास कराया गया। योग शिक्षक संजीव त्यागी ने भुजंगासन, त्रिभुजासन, सेतुबंध आसन का अभ्यास कराया और बताया कि इन आसनों को करने से कमर दर्द में बहुत अधिक लाभ होता। इसके बाद मंडूकासन, उष्ट्रासन आदि आसनों को कराया। बताया कि मंडूकासन करने से शुगर की बीमारी में अत्यंत लाभ मिलता है। योग शिविर में कविता कटारिया, खुशी अग्रवाल, नीरू तोमर, पूनम, मनोज रस्तोगी, विकास कुमार, जयकरण जयविंदर, मोहित रस्तोगी, अरविंद सैनी, मोहन, संजय धीमान, यशपाल, विनय गिरधरवाल, सुरेंद्र चौहान, अरविंद सैनी, चतरसेन आदि उपस्थित रहे।
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मधुमेह एवं मोटापा रोग से निवारण के लिए आसन कराए
मवाना। भारतीय योग संस्थान शाखा मवाना द्वारा उत्सव मंडप में आयोजित पांच दिवसीय निशुल्क योग शिविर के तीसरे दिन का शुभारंभ अवनींद्र कौशिक, मूल शंकर सतीश सैनी, मास्टर अशोक चौधरी व अजय गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। साधना जिला संगठन मंत्री शिप्रा गुप्ता द्वारा कराई गई। मधुमेह एवं मोटापा रोग से निवारण के लिए संबंधित आसनों की जानकारी देते हुए उनका अभ्यास कराया।
सूर्य नमस्कार, मर्कट आसन, पवनमुक्तासन, पादोत्तानासन, द्विपादवृत्तासन, सेतुबंध, भुजंगासन, शलभासन, अर्धमत्स्येंद्रासन, गोमुखासन, वज्रासन, मंडूकासन, उष्ट्रासन के साथ-साथ उक्त रोगों से संबंधित कुछ मुद्राओं का भी अभ्यास कराया। डॉक्टर वीरेंद्र पाल सिंह ने योग की महानतम क्रिया हंसी कराई। उन्होंने बताया कि आजकल इस भागदौड़ की जिंदगी में इंसान को हंसने का समय नहीं मिलता, लेकिन जब भी हमें हंसने का सुअवसर मिले तो हमें वह अवसर नहीं छोड़ना चाहिए। केंद्र प्रमुख मूल शंकर ने अनुलोम विलोम, कपालभाति, प्राणायाम का अभ्यास कराया। शिविर संयोजक मनोज प्रकाश गोयल ने सभी सदस्यों का धन्यवाद दिया।
पंतजली योग समिति एवं भारत स्वाभिमान ट्रस्ट (न्यास) के संयुक्त तत्वाधान में योग करते साधक। (स्त्