मेरठ में भी लग चुके थे रिश्वत मांगने के आरोप
सूत्रों के अनुसार नाहर सिंह पूर्व में मेरठ और गाजियाबाद में भी तैनात रह चुके हैं। जब वह मेरठ में कार्यरत था, तब फल मंडी के व्यापारियों द्वारा उन पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए गए थे। व्यापारियों की ओर से शिकायतें भी की गई थीं। हालांकि उस समय मामले में कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई थी।
तीन दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई से विभाग में हलचल
मंडी विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई है। तीन दिन पहले ही शिकारपुर मंडी के प्रभारी सचिव को भी रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। अब नाहर सिंह की गिरफ्तारी के बाद मेरठ मंडल की दो मंडियों से जुड़े अधिकारियों पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई हो चुकी है।
एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के बाद मामले में आगे की वैधानिक प्रक्रिया जारी है। विभागीय स्तर पर भी प्रकरण की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।