मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में मरीजों के इलाज किए जाने का प्रबंधन सही नहीं है। सुनील कुमार के इलाज में लापरवाही बरती गई। इमरजेंसी में ड्यूटी पर पांच जूनियर डॉक्टर होने चाहिए थे, मगर सिर्फ दो थे। तीन डॉक्टर कहां थे, उनका कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। इलाज के प्रबंधन में काफी सुधार की जरूरत है। ये बिंदु जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह द्वारा गठित तीन सदस्यीय टीम की रिपोर्ट में सामने आए हैं। मंगलवार को दो पेज की यह रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी गई।
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की लापरवाही से सड़क दुर्घटना में घायल हसनपुर कलां निवासी सुनील कुमार (30) की सोमवार को मौत हो गई थी। मरीज ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया था और जूनियर डॉक्टर सोते रहे थे।
इस मामले में जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने भी तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। इसमें सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया, एडीएम सिटी ब्रिजेश सिंह और एसीएमओ डॉ. प्रवीण गौतम हैं। इन्होंने मौके पर जाकर जांच की थी। सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने बताया कि शुरुआती जांच में लापरवाही सामने आई है। ड्यूटी पर न मिले तीन जूनियर डॉक्टरों के बयान लिए जाएंगे कि वे ड्यूटी पर क्यों नहीं थे। तकनीकी तौर पर सुनील के इलाज में क्या कमी रही, इसके लिए जिला अस्पताल से हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय से जांच कराई जा रही है। वह इलाज के प्रपत्र पोस्टमार्टम रिपोर्ट आधार के दो दिन में रिपोर्ट देंगे जिसके आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को दी जाएगी।
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मेडिकल की समिति ने भी शुरू की जांच
इस मामले में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक धीरज राज ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी, इसमें अधीक्षक डॉ. अनुपमा वर्मा, सहायक आचार्य डॉ. शशांक जिंदल और सहायक आचार्य डॉ. कृतेश मिश्रा हैं। इन्होंने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। ये तीन दिन में रिपोर्ट देंगे।
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यह है मामला
किठौर थाना क्षेत्र के हसनपुर कलां निवासी सुनील कुमार (30) पुत्र गोविंद रविवार रात करीब साढ़े 12 बजे मुंडाली थाना क्षेत्र के गांव सिसौली के पास सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। पुुलिस ने उन्हें मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया था। परिजनों ने एक वीडियो क्लिप बनाई थी इसमें जूनियर डॉक्टर कुर्सी पर सो रहे थे और घायल को लगी ड्रिप खत्म थी। इसे कोई देखने वाला नहीं था। कुछ देर बाद घायल की मौत हो गई थी। वीडियो क्लिप वायरल होने के बाद जिला प्रशासन और मेडिकल के चिकित्सा अधिकारी हरकत में आए थे। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया था। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह और मेडिकल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धीरज राज ने अलग-अलग तीन-तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की हैं, जो जांच कर रही हैं।
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मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की लापरवाही से मरीज की मौत हुई है, इसकी प्राथमिक जांच रिपोर्ट सीएमओ ने दी है। विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी गई है, इसमें सीएमओ को मरीज की मौत का मुख्य कारण और सभी जिम्मेदारों की रिपोर्ट देनी है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. वीके सिंह, डीएम