पहले दबाया गला, फिर मारी गोली, सबूत मिटाने के लिए जलाया शव
पुलिस पूछताछ में राजीव ने बताया कि समाज में बदनामी होगी, इसलिए मोनिका की हत्या कर दी। 26 जून को राजीव बाइक पर लुहारी गांव पहुंचा और ससुराल पक्ष के लोगों से माफी मांगते हुए मोनिका को ले जाने के लिए राजी कर लिया।
शाम पांच बजे वह मोनिका को लेकर बाइक से हिलवाड़ी गांव के लिए चल दिया। दिन होने के कारण वह मोनिका को इधर-उधर घुमाता रहा और रात के समय घर चलने की बात कही। मोनिका भी उसकी बातों में आ गई। रात साढ़े आठ बजे औसिक्का रेलवे अंडरपास के पास उसने लघु शंका होने की बात कहकर बाइक को रोक लिया और मोनिका का गला घोट दिया। वह बेहोश होकर गिर गई।
इसके बाद वह कुछ ही दूर अपने नलकूप पर पहुंचा और वहां से तमंचा और बोतल में ट्रांसफार्मर का तेल ले आया। उसने मोनिका के जिंदा होने के शक में उसे पहले दो गोली मारी और फिर तेल डालकर आग लगा दी। इसके बाद वह घर आ गया।