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मानव ही मानव का बन रहा दुश्मन : भाव भूषण महाराज

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हस्तिनापुर। कस्बे के कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में विश्व की सुख-शांति-समृद्धि के लिए चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 14वें दिन मुनि भाव भूषण महाराज ने कहा कि आज के मानव में दयाभाव शून्य के समान है। आज की मित्रता केवल लोभ, स्वार्थ पर आधारित रह गई है। सच्चे मन से मित्रता करने वाले से भगवान भी खुश रहते हैं।
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शनिवार को भक्तामर विधान पाठ में विधानाचार्य नीतेश एवं दीपक शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया। लोकेश जैन ने स्वर्ण कलश से अभिषेक किया। शांतिधारा दिलीप पांडया ने की। दीप प्रज्ज्वलन राजेश जैन, अबीर, कौशल, मेघा जैन ने किया। सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया।
आदिनाथ भगवान की पूजा के बाद सभी तीर्थंकरों को अर्घ्य चढ़ाए गए। इसके बाद भक्तामर विधान का शुभारंभ हुआ। 115 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन किया गया।
भाव भूषण महाराज ने कहा कि आज विडंबना तो यह है कि मानव ही मानव का दुश्मन बन गया है। किसी में भी दयाभाव परिलक्षित नहीं होता है। अहम के पुतले ने मानव को दानव बना दिया है। हे मानव! तू दानव न बन। बस तू एक अच्छा इंसान बनकर इंसान की सेवा कर। कहा कि शुद्ध आचरण से की गई मित्रता का कोई मोल नहीं होता। मनुष्य को अपना कर्म नहीं भूलना चाहिए।
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विधान का विसर्जन शीनू जैन, पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्ज्वलन दिनेश जैन व अशोक, आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन रवि जैन व सोनिया जैन, चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन संजय जैन ने किया। प्रश्नमंच के विजेताओं को विपिन जैन ने पुरस्कृत किया।
इस मौके पर क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेंद्र जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, रोहित जैन, भूषणस्वरूप, मुकेश जैन, प्रमोद जैन, अतुल जैन, शशांक जैन का सहयोग रहा।
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