रंजीत सिंह ने टीपीनगर थाने में तहरीर दी थी। काफी प्रयास के बावजूद पुलिस ने केस नहीं लिखा। व्यापारी ने दिसंबर 2018 में टंकी पर चढ़कर आत्महत्या करने की धमकी दी थी, तब जाकर मुकदमा दर्ज हुआ था।
बुधवार सुबह रंजीत सिंह ठाकुर कई बार थाने पहुंचा। लेकिन इंस्पेक्टर ने मुलाकात नहीं की। आरोप है कि केस के विवेचक दरोगा नरेंद्र कुमार ने भी व्यापारी को फटकार दिया। रात करीब 9:45 पर व्यापारी फिर थाने पहुंचा। आरोप है कि इस बार भी उसे फटकारकर बेइज्जत करते हुए थाने से भगा दिया गया।
इससे क्षुब्ध होकर रंजीत सिंह ने थाने के गेट पर खड़ी अपनी बाइक से पेट्रोल निकाला और खुद पर उड़ेलकर आग लगा ली। इस दौरान उसकी बाइक में भी आग लग गई। आग लगते ही भगदड़ मच गई।
पुलिस ने व्यापारी को केएमसी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां व्यापारी को 80 प्रतिशत झुलसना बताया गया था। गंभीर हालत के कारण उसे दिल्ली अस्पताल में रेफर कर दिया गया था। जहां उपचार के दौरान शनिवार को उसकी मौत हो गई।