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मेरठ: वीजा दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला गिरफ्तार, पश्चिम बंगाल का निवासी है आरोपी, दो साथी फरार

Sat, 28 Nov 2020 10:21 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • नामी कंपनियों की फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को बनाते थे शिकार
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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लोगों को विदेश भेजने के लिए वीजा दिलवाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का शनिवार को मेरठ साइबर सेल ने पर्दाफाश किया। इस दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया, जबकि एक महिला समेत दो साथी फरार हैं।
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प्रेसवार्ता के दौरान एएसपी सिविल लाइन सूरज कुमार राय ने बताया कि शास्त्रीनगर निवासी एनआरआई सागर गर्ग ने 30 सितंबर को कुवैत जाने के लिए ऑनलाइन वीजा का आवेदन किया। जिसके बाद उन्हें मोहित नाम के एक व्यक्ति का फोन आया।

मोहित ने बताया और वीजा दिलाने वाली कंपनी का कर्मचारी है। आरोप है कि वीजा दिलाने और 14 दिन सऊदी अरब में क्वारंटीन रहने की एवज में मोहित ने उनसे एक खाते में दो किस्तों में 61800 रुपये ट्रांसफर करा लिए।
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काफी दिन बीतने के बाद भी वीजा न मिलने पर सागर ने कंपनी के नंबर पर फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। जिसके बाद सागर ने मेडिकल थाने और साइबर सेल में शिकायत दर्ज की।

जांच के बाद साइबर सेल ने बिश्वजीत पोल निवासी हिलपुकड़िया को हबरा जिला, पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया। जबकि उसके साथी सम्राट पोडडर और आई लियान लिन निवसी पश्चिम बंगाल फरार हो गए। आरोपी के पास से एक मोबाइल, एक हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं। उसके खाते को फ्रीज कर दिया गया है। जिसमें लगभग 20 हजार रुपये हैं। 

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
आरोपी बिश्वजीत पोल ने बताया कि उसने सम्राट और उसकी पत्नी आई लियान लिन के साथ सिद्धि विनायक इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी बनाकर ऑफिस खोल रखा है। यहां वीजा दिलाने वाली विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को कम खर्चे पर वीजा दिलाने का लालच देकर ठग लेते हैं। 

नही हो सकी कोई रिकवरी
प्रेसवार्ता में मौजूद रही सागर की पत्नी खुशबू ने बताया कि पुलिस ने पश्चिम बंगाल से आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस दौरान उनका काफी रुपया खर्च हुआ, लेकिन पुलिस कोई रिकवरी नहीं करा पाई है। जबकि 61800 रुपये का फ्रॉड हुआ था।
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