भुगतान के लिए दबाव बनाया तो मलकपुर मिल ने घटाया इंडेंट
बागपत/बड़ौत। चीनी बिक्री से आई धनराशि से किसानों को भुगतान करने के बजाए पुराना लोन चुकता करने के मामले में हुई कार्रवाई के बाद मलकपुर मिल ने इंडेंट घटा दिया है, साथ ही मिल प्रबंधन ने चीनी गोदाम, शीरा और बैगास यार्ड में जगह नहीं होने का हवाला देते हुए पेराई सत्र बंद करने की मौखिक अनुमति मांगी है।
मलकपुर चीनी मिल ने चीनी बिक्री की धनराशि से किसानों का भुगतान करने के बजाए उसे पुराना लोन चुकता करने में डायवर्ट कर दिया था। शासन ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए मिल की चीनी, शीरा और बैगास की बिक्री पर रोक लगा दी थी। डीसीओ अनिल कुमार ने बताया कि 34 करोड़ रुपये वापस किए जाने के निर्देश मिल प्रबंधन को दिए गए थे। किसानों का भुगतान कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। चीनी मिल पर दबाव पड़ते ही मिल ने इंडेंट कम कर दिया है। मिल के उप महाप्रबंधक विपिन चौधरी का तर्क है कि बताया कि चीनी, शीरा और बैगास की बिक्री नहीं हो रही है। मौखिक तौर पर प्रशासन को स्थिति से अवगत कराया गया है।
खेतों में 18 हजार क्विंटल गन्ना
बागपत। मिल से करीब 35 हजार किसान जुड़े हैं। क्षेत्र में अभी भी करीब 18 हजार क्विंटल गन्ना खड़ा है। एक तरफ गेहूं की कटाई चल रही है और दूसरी तरफ मिल की पेराई धीमी हो गई है। सवाल है कि अगर मिल की पेराई बंद हुई तो गन्ने का क्या होगा।
चलता रहेगा पेराई सत्र : डीसीओ
बागपत। डीसीओ अनिल कुमार भारती का कहना है कि भुगतान के लिए मिल पर दबाव बनाया जा रहा है। किसान का खेत खाली होने तक चीनी मिल पेराई करेगी, किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। मिल प्रबंधन की मनमानी नहीं चलेगी।
किसानों के 355 करोड़ बकाया
बागपत। चीनी मिल पर किसानों के वर्तमान पेराई सत्र के 355 करोड़ रुपये बकाया है। लॉकडाउन में परेशान किसान बार-बार बकाया भुगतान दिलाए जाने की मांग कर रहे हैं।
मिल प्रबंधन ने पेराई सत्र रोकने की मांगी अनुमति
बड़ौत। चीनी मिल के वीसी विपिन चौधरी का कहना है कि चीनी, शीरा, खोई सहित अन्य उत्पाद की ब्रिकी बंद है। ब्रिकी न होने के कारण अब मिल परिसर में चीनी, शीरा, खोई को रखने की जगह में नहीं बची है, जिस कारण मिल का पेराई सत्र बंद कराने की मौखिक अनुमति मांगी गई है।
मिल भुगतान दें और गन्ने की करें पेराई
बड़ौत। किसान नेता विपिन पूनिया, सरदार सिंह कुरड़ी, छछरपुर गांव के प्रधान अनिल कुमार एडवोकेट, गूंगाखेडी गांव प्रधान संजीव का कहना है कि चीनी मिल को किसानों का भुगतान करना चाहिए। इसके अलावा पूरी क्षमता से पेराई भी करनी चाहिए।
यह है हालात
बागपत। चीनी मिल में करीब साढे सात लाख कुंतल चीनी, सवा चार लाख कुंतल शीरे का स्टॉक है। इसके अलावा बैगास के यार्ड भरे हुए हैं।