कार्तिक पूर्णिमा मेला... कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच एक नंवबर से होगी शुरूआत, अस्थायी कोतवाली और चौकी बनेगी
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर जिला पंचायत की और से मखदूमपुर गंगा घाट पर लगने वाले मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। एक नवंबर से श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो जाएंगे। पांच नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्नान होगा। गंगा किनारे करीब पांच किलोमीटर क्षेत्र में पांच दिवसीय तंबुओं का नगर एक नवंबर से गंगा की रेती में बस जाएगा। मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए हर तरह की सुविधाएं होंगी। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए मखदूमपुर तैयार हो रहा है। कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों लोगों के दीपदान करने की उम्मीद है। ऐसे में प्रशासन की ओर से सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। गंगा की रेती में अस्थायी कोतवाली और चौकी बनाने के लिए जगह चिह्नित कर ली गई हैं।
मखदूमपुर ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान भरत सिंह ने बताया कि गंगा तट पर हर साल कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाला गंगा स्नान मेला सैकड़ों वर्ष पुराना है। इस मेले में लाखों श्रद्धालु आकर गंगा में आस्था की डुबकी लगाते हैं। गंगा घाट पर लगने वाले कार्तिक पूर्णिमा मेले में लोग बैलगाड़ी, भैंसा बुग्गी, ट्रैक्टर ट्रॉली, छोटा हाथी, पिकअप और पैदल ही लाखों की संख्या में पहुंचते हैं। जिससे यहां पशु चिकित्सालय की स्थापना की जाती हैं। इस स्थान पर गंगा नदी उत्तर दिशा से आकर पश्चिम दिशा की ओर बहती है, जो इसे और भी खास बनाता है।
सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी
मेले की सुरक्षा के लिए ड्रोन, सीसीटीवी और वॉच टॉवर की व्यवस्था की जाएगी। पेयजल के लिए अस्थाई नल और महिलाओं के लिए अस्थाई शौचालय व चेंजिंग रूम बनाने का कार्य चल रहा हैं। हालांकि मेला स्थल पर वाहनों की पार्किंग के लिए कोई स्थान अभी नजर नहीं आ रहा है। यातायात को सुचारू रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस भी तैनात रहेंगी। एक नवंबर को मेले का उद्घाटन होगा। इससे पूर्व मेला स्थल पर दुकानें भी लगेंगी।