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UP: 'पापा, जल्द छुट्टी लेकर घर आ रहा हूं... भैया की शादी की तैयारी करेंगे', देहरादून से आई कॉल ने तोड़े अरमान

Sun, 18 Jan 2026 12:39 PM IST
शाहरुख खान गौरव शर्मा, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के रोहटा ब्लॉक क्षेत्र के गांव घसौली निवासी मेजर शुभम सैनी की शनिवार को देहरादून-चकराता मार्ग पर सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। 
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हादसे में मेजर की मौत - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पापा, बहुत जल्द छुट्टी लेकर घर आ रहा हूं। इसके बाद तुषार भईया की शादी की तैयारी करेंगे। ये बातें मेजर शुभम सैनी ने शुक्रवार को अपने पिता से फोन पर कही थीं। 18 फरवरी को शुभम के बड़े भाई तुषार की शादी है। 
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परिवार में खुशी का माहौल है मगर शनिवार दोपहर देहरादून से आई एक कॉल ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। मेजर शुभम की मौत की सूचना मिलने के बाद पिता सत्येंद्र, मां रीता, बहन व अन्य परिजनों का रोकर बुरा हाल हो गया। रिश्तेदार किसी तरह मेजर के परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।

रोहटा रोड स्थित घसौली गांव निवासी सत्येंद्र सैनी आर्मी से सूबेदार के पद से रिटायर्ड हैं। परिवार में शुभम के अलावा अब सत्येंद्र की पत्नी रीता बड़ा बेटा तुषार और एक बेटी है। तुषार नोएडा एक सॉफ्टवेयर कंपनी में इंजीनियर हैं। शुभम सेना में मेजर थे। बेटी आर्मी स्कूल में शिक्षिका है।
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पिता ने बताया कि शुभम ने 2015 में आर्मी स्कूल से 12वीं की परीक्षा पास की थी। इसके बाद एनडीए में सलेक्शन हो गया था। तीन साल तक पुणे में ट्रेनिंग की थी। पासिंग आउट परेड 2019 में देहरादून में हुई थी। शुभम को पहली पोस्टिंग पंजाब के भटिंडा में मिली थी। तीन साल से शुभम मेजर के पद पर देहरादून के चकराता में तैनात थे।

शुक्रवार को शुभम ने फोन कर पिता व अन्य परिजनों से बात की थी और जल्द ही छुट्टी लेकर घर आने का वादा किया था लेकिन पिता व भाई रोते हुए बोले कि उन्हें क्या पता था कि वह शुभम से आखिरी बार बात कर रहे हैं। सत्येंद्र ने कहा कि वह तुषार के बाद शुभम के के सिर पर शादी का सेहरा देखने का सपना संजोए थे लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि बेटा तिरंगे में लिपटकर वापस आएगा।
 

बचपन से था सेना में जाने का जुनून
पिता सत्येंद्र ने बताया कि शुभम बचपन से ही सेना में जाने का जुनून था। इसके लिए वह स्कूल के समय से ही पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक व मानसिक रूप से तैयारी करता था। शुभम आर्मी में सेवा देकर देश का मान बढ़ा रहा था। कभी कल्पना भी न की थी कि ऐसा दिन आएगा।

तुषार ने नम आंखों से कहा कि उन्हें शुभम की मौत पर यकीन नहीं हो रहा। गांव में भी शोक माहौल व्याप्त है। लोग उनके घर पहुंचकर सांत्वना दे रहे हैं। मेजर शुभम ने आर्मी जॉइन कर गांव का नाम रोशन किया था। वह गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत भी थे। 

गांव में शोक की लहर
मेरठ के रोहटा ब्लॉक क्षेत्र के गांव घसौली निवासी मेजर शुभम सैनी की शनिवार को देहरादून-चकराता मार्ग पर सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मेजर शुभम सैनी 2019 में लेफ्टिनेंट के पद पर भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। बाद में पदोन्नति के बाद वे मेजर बन गए। 

वर्तमान में चकराता-देहरादून क्षेत्र में तैनात थे। शनिवार दोपहर को किसी कार्य से वे चकराता से देहरादून जा रहे थे। रास्ते में किसी वाहन को बचाने के चक्कर में उनकी कार खाई में गिर गई। गंभीर रूप से घायल मेजर को राहगीरों ने अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
 

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और गांव के लोग गांव में उनके घर पहुंचे । परिवार के तीनों सदस्य शुभम, उनकी बहन निधि और बड़े भाई तुषार अभी अविवाहित हैं। मृतक के परिवार के कई करीबी सिविल सेवा की तैयारी कर रहे हैं। गांव और क्षेत्रीय नेताओं ने भी शोक व्यक्त किया। 
 
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पूर्व विधायक जितेंद्र सतवाई, हिंदू महासंघ के अध्यक्ष मांगे शर्मा, डॉ विकास खटीक और अन्य गणमान्य लोग घटना पर संवेदना जताने के लिए परिवार के घर पहुंचे। संबंधित परिवार ने बताया कि रविवार सुबह 10 बजे गांव में भावभीनी श्रद्धांजलि के बाद मेजर शुभम सैनी का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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