इस समझौते के तहत विश्वविद्यालय अब INFLIBNET की अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाओं जैसे ई-लाइब्रेरी, डिजिटल थीसिस रिपॉजिटरी, शोध गुणवत्ता जांच उपकरण, ई-मैटेरियल मैनेजमेंट सिस्टम और अनुसंधान सूचना नेटवर्क से जुड़ सकेगा। इससे विश्वविद्यालय के छात्र, शोधार्थी और फैकल्टी वैश्विक स्तर की प्रमाणिक अध्ययन सामग्री और शोध संसाधनों का लाभ उठा सकेंगे।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने कहा कि यह समझौता भारत की अग्रणी शोध संस्थाओं से जुड़ने की दिशा में एक मील का पत्थर है, जिससे शोध प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और गुणवत्ता से भरपूर होगी। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार सुनील कुमार झा ने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय जल्द ही अपना पहला शैक्षणिक सत्र प्रारंभ करने जा रहा है, और ऐसे समय में यह सहयोग छात्रों को वैश्विक स्तर की तैयारी देगा।
इस समझौते समारोह में INFLIBNET की निदेशक प्रो. देविका पी. मडाल्ली, संस्था से अभिषेक, विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। यह समझौता प्रदेश के पहले समर्पित खेल विश्वविद्यालय के डिजिटल और शोध उन्मुख विकास की नींव मजबूत करेगा।