संवाद न्यूज एजेंसी
रोहटा। कैथवाड़ी गांव के पश्चिम दिशा की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग की जर्जर स्थिति से ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब तीन दशक पहले बने इस मार्ग का दोबारा निर्माण नहीं कराया गया, जिससे प्रतिदिन हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सांसद और संबंधित अधिकारियों से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव का यह मिट्टी और खड़ंजा मार्ग करीब 28 से 30 वर्ष पहले तत्कालीन ग्राम प्रधान अजय प्रजापति के कार्यकाल में बनवाया गया था। इसके बाद से मार्ग का पुनर्निर्माण नहीं हुआ। समय के साथ खड़ंजा उखड़ गया और मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। बरसात के दिनों में स्थिति और अधिक खराब हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की ज्यादातर आबादी इसी मार्ग से आवागमन करती है। किसानों को खेतों तक पहुंचने, विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज जाने, महिलाओं और बुजुर्गों को आवागमन में रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी किसी व्यक्ति के निधन पर अंतिम यात्रा के दौरान होती है।
ग्रामीणों का दावा है कि श्मशान तक जाने के लिए लोगों को करीब तीन किलोमीटर तक टूटे और कीचड़युक्त रास्ते से गुजरना पड़ता है। कई बार लोगों को चप्पल-जूते हाथ में लेकर रास्ता पार करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से सड़क निर्माण की मांग की जा चुकी है। उन्होंने सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान और संबंधित विभागीय अधिकारियों से शीघ्र सड़क का पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।