दंगल’ फिल्म से चर्चा में आईं महिला कुश्ती खिलाड़ी गीता फोगाट और बबीता फोगाट रविवार को मेरठ पहुंचीं। मीडिया से औपचारिक बातचीत में गीता ने कहा कि महिलाएं अपनी शक्ति पहचानें। उत्पीड़न और शोषण के खिलाफ आवाज उठाएं।
प्रशासन द्वारा आयोजित मतदाता महा जागरूकता अभियान में फोगाट बहनें लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने आईं थीं। गीता ने कहा कि महिलाओं पर जो भी अत्याचार करे उस पर सख्त कार्रवाई हो। एक सवाल के जवाब में कहा कि देश में महिला कुश्ती खिलाड़ियों में प्रतिभा की कमी नहीं है। लेकिन उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए परिवार और सरकार यदि उन्हें सहयोग करे तो वह देश ही नहीं विदेश में भी नाम रोशन कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को कुश्ती के लिए और बेहतर प्रयास करने चाहिए। क्योंकि यह हमारी संस्कृति से जुड़ा खेल है।
रूढ़िवादिता पर प्रतिभा को बलि न चढ़ाएं
दंगल फिल्म में गीता का किरदार निभाने वाले जम्मू कश्मीर की जायरा का गीता फोगाट ने पूरा पक्ष लिया। असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर पूछे गये सवाल पर गीता ने कहा कि बुर्का पहना या दूसरे कपड़े पहनना मुस्लिम धर्म की अपनी संस्कृति है। उस पर वह कुछ नहीं कहेंगी। लेकिन देश आज स्वतंत्र है। युवा पीढ़ी समझदार हो चुकी है। उसे रूढ़िवादिता में बांधकर नहीं रखा जा सकता है। इस पूरे मामले में हम जायरा वसीम के साथ हैं। इस दौरान बबीता फोगाट, गीता फोगाट के पति पवन कुमार मौजूद रहे।