पांच दिनों से एमडीए कार्यालय पर चल रहे धरने का एमडीए अधिकारियों पर कोई असर न होता देख सोमवार को महिला किसान उद्वेलित हो गईं। महिला किसान वीसी कार्यालय में पहुंच गई और वीसी साहब सिंह को अपने घरों की चाबियां सौंप दी। कहा कि उन्होंने घरों में ताले लगा दिए हैं क्योंकि एमडीए के कारण वे घर से बेघर होकर धरना देने को मजबूर हैं।
एमडीए कार्यालय पर धरना दे रहे किसानों ने एलान कर दिया है कि सर्दी चाहे कितनी भी हो जाए, वे अपने घरों को तब तक नहीं लौटेंगे, जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी। उन्होंने छह जनवरी को मोहिउद्दीनपुर मिल में आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपनी बात रखने की भी तैयारी की है। एमडीए अधिकारियों से उनकी एक बार वार्ता हो चुकी है, जो विफल रही। किसानों ने कहा कि जब एमडीए ने बोर्ड में प्रतिकर देने का प्रस्ताव पारित कर दिया है तो अब उससे इंकार करना किसानों के साथ धोखा है।
बढ़ गए किसान
सोमवार को किसानों की संख्या बढ़ गई। भाकियू कार्यकर्ताओं ने भी अपनी उपस्थिति इस दिन दर्ज करा दी। उधर एमडीए के सभी गेटों पर महिला किसानों ने कब्जा कर लिया और अधिकारियों का बाहर निकलने का रास्ता बंद कर दिया था। हालांकि बाद में कुछ गाड़ियां निकलवाई गई। अहम यह है कि सर्द रात में भी किसान एमडीए में ही हैं और धरना दे रहे हैं। इनमें महिला किसानों की भी खासी संख्या है।
आपका परिवार घरों में है तो हमारा क्यों नहीं?
किसानों की रानी झांसी ब्रिगेड अध्यक्ष जागेश्वरी देवी के नेतृत्व में धरनारत किसान अपने ऑफिस में बैठे वीसी साहब सिंह से मिले। कहा कि इस सर्दी में जब वीसी और एमडीए अधिकारियों का परिवार घर में सुरक्षित है तो किसानों के साथ यह नाइंसाफी क्यों? किसानों के परिवार यहां धरने दे रहे हैं। उन्होंने यह कहते हुए वीसी को चाबियां सौंप दीं कि जब बच्चे भी धरने पर आ गए हैं तो घर की क्या जरूरत है। इसे भी एमडीए ही ले ले। वहां ताला लगा दिया है। इस मौके पर रामवती, सुमन, रामकली, सरस्वती, गीता, सावित्री, शिमला, रुमालो, करमवती, बेगम सारा आदि किसान मौजूद रहीं।
भाकियू कार्यकर्ता पहुंचे
धरने पर भारतीय किसान यूनियन ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। इस दिन भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष रविंद्र दौरालिया, जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। इसके अलावा भारतीय किसान आंदोलन के अध्यक्ष कुलदीप त्यागी, प्रधान संगठन के उपेंद्र भराला समेत कई गांवों के प्रधान भी धरने पर आए।
आज आएंगे राकेश टिकैत
मंगलवार को भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत भी धरने पर पहुंचेंगे। जिला संगठन मंत्री संजय दौरालिया ने बताया कि राकेश टिकैत के साथ काफी कार्यकर्ता भी यहां पहुंचेंगे और अधिकारियाें से बात की जाएगी कि आखिर किसानों की मांग क्यों पूरी नहीं हो रही है।
अलाव की नहीं कोई व्यवस्था
कड़ाके की सर्दी के बावजूद प्रशासनिक स्तर से किसानों के लिए अलाव आदि की कोई व्यवस्था नहीं कराई गई है। किसान खुद ही लकड़ियां लाकर रात को अलाव जला रहे हैं।
रस की बनी खीर
सोमवार को किसानों ने गन्ने के रस की खीर का आनंद लिया। किसान धरनास्थल पर ही भोजन पका रहे हैं। संघर्ष समिति के महामंत्री हरविंदर सिंह ने बताया कि इस बार किसान जाने वाले नहीं है। यह पक्का है कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, किसान यहीं डटे रहेंगे।