जिले में फोर्स न होने के कारण बुधवार को महिला पुलिसकर्मियों ने शहर की व्यवस्था अपने हाथ में ले ली। उन्होंने खुद वाहनों की चेकिंग की और यातायात को नियंत्रित किया। कहीं पर फ्लैग मार्च किया तो कहीं पर वाहन चालकों के चालान काटे।
थानों से लेकर पुलिस अफसरों के ऑफिसों में तैनात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी चुनाव में लगी है। थानों में सिर्फ एक इंस्पेक्टर, दो दरोगा और तीन सिपाही हैं। हालांकि महिला कांस्टेबलों की ड्यूटी चुनाव में बाहरी जनपदों में नहीं लगी। इसको देखते एसएसपी ने महिला कांस्टेबलों को थानों में तैनात कर दिया। महिला पुलिस चुनाव संपन्न होने तक कानून व्यवस्था संभालेंगी। बुधवार को टीपीनगर इंस्पेक्टर सचिन मलिक ने महिला कांस्टेबलों की दिल्ली रोड स्थित अलग-अलग चौराहों पर ड्यूटी लगा दी। जहां पर महिला कांस्टेबलों ने वाहन चेकिंग, तलाशी और ट्रैफिक की व्यवस्था देखी। इंस्पेक्टर ने गश्त और फ्लैग मार्च भी महिला कांस्टेबलों को साथ लेकर किया। कोतवाली एसओ विजय गुप्ता ने भी अपने इलाके में महिला कांस्टेबलों को लेकर फ्लैग मार्च निकाला।
अफसरों ने खुलवाया जाम
जाम से जूझ रहे शहर में यातायात व्यवस्था को लेकर बुधवार को एसएसपी ने टीआई से एसपी ट्रैफिक को सख्त निर्देश दिए हैं। सीओ और एसपी ट्रैफिक के अलावा एक आईपीएस अधिकारी और एक और सीओ को लगाया गया है। कुछ चौराहों पर रंगरूट लगाए गए हैं। कुछ चौराहों पर एनएसएस के छात्रों को लगाया। रोजाना के मुताबिक बुधवार को जीरो माइल, बेगमपुल चौराहे पर हल्का जाम रहा। दोपहर के समय केसरगंज से रेलवे रोड चौराहा और ईदगाह के पास भीषण जाम रहा। कंट्रोल रूम पर जाम की सूचना पर यूपी 100 की पुलिस के अलावा टीएसआई दीनदयाल दीक्षित ने जाम खुलवाया। बेगमपुल, बच्चा पार्क और ईव्ज चौराहे पर जाम की जिम्मेदारी टीएसआई संतोष कुमार को दी गई थी। ट्रैफिक इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने कमिश्नर आवास चौराहा, जेलचुंगी, तेजगढ़ी और गढ़ रोड पर व्यवस्था देखी। ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर आईपीएस अधिकारी सुकीर्ति माधव और सीओ विकास जायसवाल को भी लगाया गया था।