देश की राजधानी में सजग पड़ोसी के चलते एक नाबालिग लड़की शादी के बंधन में बंधने से बच गई। नवीं कक्षा की छात्रा (15 वर्ष) की शादी होने की जानकारी पड़ोसी ने दी। जिस पर दिल्ली महिला आयोग की टीम मौके पर पहुंच गई। आयोग सदस्यों ने शादी रुकवा दी। आयोग ने पीड़िता के परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बारात मेरठ से दिल्ली गई थी। महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के मुताबिक थाना फर्श बाजार स्थित न्यू संजय अमर कॉलोनी में इस नाबालिग लड़की के परिजन मेरठ के लड़के से उसका निकाह करने जा रहे थे। बारात मेरठ से आ रही थी।
आयोग के सदस्यों ने परिजनों को समझाया कि 18 आयु वर्ग से पहले शादी करना कानूनी जुर्म है। इसलिए यदि यह शादी होती है तो कानून के तहत सजा भी मिलेगी। हालांकि बाद में परिजन मान गए। स्वाति का कहना है कि यदि पड़ोसी इस मामले की जानकारी आयोग हेल्पलाइन पर नहीं देते तो शादी हो जाती। इसलिए पीड़िता के परिजनों के खिलाफ नाबालिग की शादी करने की कोशिश का मामला दर्ज कर लिया गया है।