प्लांट पर रोजाना 800 से 1000 सिलिंडर ऑक्सीजन आपूर्ति हो सकती है। जिलाधिकारी के. बालाजी ने दो दिन तक प्लांट का निरीक्षण किया इसके बाद संचालन की अनुमति दी है। सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने भी प्लांट का निरीक्षण किया।
तीमारदार पहले अस्पताल बाद में कोटा तय
प्रशासन ने प्लांट पर निजी अस्पतालों को गैस वितरण का कोटा तय कर दिया है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए निजी अस्पताल 25 से ज्यादा सिलेंडर नहीं भरवा सकेंगे। कंपनी के सीएमडी दिनेश चंद्र महेश्वरी ने बताया कि पूठा रोड स्थित इस प्लांट को सिर्फ एक माह में बनाया गया। रोजाना सौ से ज्यादा लोगों ने काम किया।
दिनभर रही भीड़, हंगामा
प्लांट संचालन की जानकारी जैसे ही तीमारदारों को लगी प्लांट के बाहर लोगों की भीड़ लगना शुरू हो गई। तीमारदार प्राणवायु की आस में प्लांट के बाहर काफी संख्या में जमा हो गए। छोटे-बड़े हर आकार के सिलिंडर का ढेर प्लांट के बाहर लग गया। भीड़ बढ़ने के कारण हालात बेकाबू हो गए।
जब प्लांट के स्टाफ ने कहा कि शाम पांच बजे से गैस वितरण प्रारंभ होगा तब भी लोग प्लांट के बाहर खड़े रहकर शाम का इंतजार करते रहे। वाहनों में सिलेंडर लेकर लोग पहुंचे थे, जहां दो सौ मीटर लंबी कतार लग गई। लोग सिलेंडरों को लाइन में लगाकर खड़े देखे गए।