मेरठ..कंवलजीत..हरिद्वार से डीजे के साथ मेरठ आई बड़ी कांवड़ पहुंची बेगमपुल......संवाद
आज महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर व्रत रखकर श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना करेंगे। शहर में बाबा औघड़नाथ मंदिर सहित सभी प्रमुख शिवालयों को भव्य रूप से सजाया गया है। सुबह पांच बजे से जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो जाएगा। मंदिरों में विशेष सजावट लाइट और फूलों से सजावट की गई है। 15 फरवरी की पूरी रात जागकर कई भक्त शिव और माता पार्वती का जागरण करेंगे।
इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि महाशिवरात्रि का व्रत रखने से भगवान शिव सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इस दिन विधि विधान से पूजा करने पर मनचाहे वर की प्राप्ति होती है। जिन कन्याओं के विवाह में विलंब हो रहा है या किसी प्रकार की बाधा आ रही है। उनके लिए यह व्रत विशेष फलदायी सिद्ध हो सकता है। व्रत रखने से भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।
- अशुभ ग्रहों की शांति और दोष निवारण
- ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी ने कहा कि महाशिवरात्रि के दिन शिवपूजन से अशुभ ग्रहों का प्रभाव शांत होता है। विशेष रूप से विधिपूर्वक पूजा करने से कालसर्प दोष का निवारण होता है। चंद्रमा के अशुभ होने पर व्यक्ति को मानसिक तनाव और कार्य क्षमता में कमी का सामना करना पड़ता है। जो इस दिन के व्रत और पूजन से दूर हो जाता है। इसके अतिरिक्त महाशिवरात्रि की पूजा अर्चना से दांपत्य जीवन से जुड़ी परेशानियां भी दूर होती हैं।
- चार प्रहर की पूजा: प्रथम प्रहर शाम 7 बजे से 9 बजे तक, द्वितीय प्रहर रात 10 बजे से 12 बजे तक, तृतीय प्रहर रात 1 बजे से 3 बजे तक और चतुर्थ प्रहर सुबह 4 बजे से 6 बजे तक निर्धारित है।