रविवारीय सत्संग में महर्षि दयानंद का जन्मोत्सव मनाया
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। आर्य समाज थापरनगर में रविवारीय सत्संग में महर्षि दयानंद सरस्वती के जन्मदिवस जय जय ऋषिवर दयानंद विषय पर उद्बोधन हुआ। अध्यक्ष राजेश सेठी ने कहा कि महर्षि के मानवजाति पर उपकारों की गणना असंभव है, लेकिनभारतवासियों पर उनके योगदान से हम कभी उऋण नहीं हो सकते। उन्होंने सदियों की मानसिक दासता से मुक्ति दिलाकर आत्मगौरव और स्वाभिमान का भाव जागृत किया। उन्होंने हमें वैदिक धर्म, संस्कृति और भाषा की महानता से अवगत कराया तथा सम्मानपूर्वक जीना सिखाया।
उन्होंने राष्ट्रीय अस्मिता और महापुरुषों के प्रति अनुराग उत्पन्न किया। हम अपनी मूल वैदिक संस्कृति को विस्मृत कर प्राणहीन हो चुके थे। महर्षि ने हमें नवजीवन प्रदान किया। उनका संपूर्ण व्यक्तित्व सत्य और ईश्वर में अटूट आस्था से अनुप्राणित था। उन्होंने सत्य का निर्भीक प्रचार किया और कभी विचलित नहीं हुए। आर्य समाज के साथ मिलकर सत्य सनातन वैदिक धर्म को पुनः प्रतिष्ठित करने के महान संकल्प में सहयोगी बनना चाहिए।
आचार्य सत्यप्रकाश शास्त्री के ब्रह्मत्व में देवयज्ञ संपन्न हुआ। यजमान सुनीता, मुकेश कन्नोजिया, विमल मरवाह, विदिशा जिंदल व मयंक जिंदल रहे। प्रीति सेठी ने निराली शान वेदांत वाले की भजन सुनाकर महर्षि को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर चांद ग्रोवर, कमलेश चांदना, ऋचा सेठी, सुमन आनंद, सुभाष मल्होत्रा और धर्मवीर ने सुंदर भजन प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में मनीष शर्मा, राजीव सोनी, करुणा सागर बाली, दिनेश कक्कड़, भानु बत्रा, अजय प्रेमी रहे।