.. आर्य समाज की स्थापना के 151 वर्ष पूर्ण होने थापर नगर में सात दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। आर्य समाज की स्थापना के 151 वर्ष पूर्ण होने पर थापर नगर में सात दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें प्रधान राजेश सेठी ने कहा कि महर्षि स्वामी दयानंद का संपूर्ण जीवन मानव मात्र के कल्याण के लिए समर्पित रहा।
उन्होंने बताया कि चैत्र शुक्ल पंचमी संवत 1932 को मुंबई में आर्य समाज का प्रथम सत्संग हुआ। यह भारतीय समाज सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम था। भजनोपदेशक पंडित कुलदीप आर्य ने महर्षि दयानंद के जीवन और उनके महान व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कई प्रेरणादायक भजन प्रस्तुत किए। हे प्रभु परमपिता तुम गुणों की खान हो, दुनिया बनाने वाले महिमा तेरी निराली..., जय जय ऋषिवर, हे दयानंद...जैसे भजनों ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य सत्य प्रकाश शास्त्री के ब्रह्मत्व में यज्ञ के साथ हुआ। यज्ञ में रुपाली, अमित कांत, वेदांशी आर्य, श्रीमती दीक्षा, प्रणव रस्तोगी, श्रीमती प्रतिभा पाल, कर्नल प्रमोद पाल, सीमा, कर्नल दिवाकर डोगरा यजमान रहे। यह आयोजन महर्षि दयानंद सरस्वती की जीवन गाथा के तृतीय भाग एवं रामनवमी पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित गया। सभी यजमानों ने आहुतियां प्रदान की और मंगल कामनाएं व्यक्त कीं।
विद्वान डॉ. ज्वलंत कुमार शास्त्री ने बताया कि महर्षि दयानंद का जीवन संघर्ष, ज्ञान और समाज सुधार का अद्भुत संगम है। उन्होंने कहा कि अपने गुरु स्वामी विरजानंद से शिक्षा प्राप्त कर दयानंद ने अज्ञान और अंधविश्वास के विरुद्ध अभियान चलाया। सत्य सनातन वैदिक धर्म की पुनर्स्थापना का संकल्प लिया। अध्यक्षता सत्यपाल मेहंदीरत्ता ने की। संचालन रविंद्र सिंह ने किया। डीएवी पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने भी आचार्य नीरज शास्त्री के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की और ऋषि गाथा का श्रवण किया। कार्यक्रम में आर्य समाज के मंत्री मनीष शर्मा, अरविंद कुमार, विजय बंसल और प्रीति सेठी, अशोक सुधाकर, सुशील बंसल, योगेश मुवार, मांगेराम, संजय गुप्ता, धर्मवीर रहे।