मजदूरों की संख्या कम होने के बावजूद दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का कार्य गति पकड़ रहा है। एक्सप्रेसवे के चौथे चरण 31 किमी में गांव कुशलिया के पास लाल बजरी डालने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस बजरी को मिट्टी के ऊपर मशीनों की सहायता से समतल किया जा रहा है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का कार्य जून-2020 में खत्म होना था। पहले बारिश और फिर कोरोना ने सब कुछ चौपट कर दिया। अब एक बार फिर प्रोजेक्ट ने रफ्तार पकड़ी है। जिसके बाद अब ग्रामीणक्षेत्रों में कार्य तेज गति से शुरू हो गया है।
एक्सप्रेसवे की कार्यदायी संस्था जीआर इंफ्रा भी अब काम को तेज गति से करने में लगी है। जिससे बरसात से पहले सड़क निर्माण कार्य को पूरा किया जा सके।
ईद के बाद तेजी पकड़ेगा कार्य
हालांकि, ईद के बाद मजदूरों की संख्या में बढ़ोतरी हो जाएगी। जिसके बाद कार्य गति पकड़ने लगेगा। वहीं, जून में कुछ छूट मिलने के बाद परतापुर में इंटरकनेक्टर पर भी कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
अभी एक्सप्रेसवे के दोनों प्रमुख छोर पर कार्य अटका हुआ है। एक तरफ डासना और दूसरी तरफ परतापुर में अंडरपास का कार्य अधूरा है। वहीं, रेलवे ओवरब्रिज को भी दोनों तरफ कनेक्ट करने का कार्य अभी अधूरा है।