- लंपी स्किन डिजीज की आशंका के बीच विभाग ने गांवों में बढ़ाई निगरानी, टीकाकरण शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। क्षेत्र के गांवों में पशुओं के शरीर पर गांठें निकलने और बुखार की शिकायतों के बाद पशुपालकों में चिंता बढ़ गई है। छबड़िया, महादेव समेत कई गांवों में पशुओं के बीमार होने की सूचना मिलने के बाद पशुपालन विभाग सक्रिय हो गया है। लंपी स्किन डिजीज की आशंका को देखते हुए विभागीय टीमें निगरानी कर रही हैं और पशुओं का टीकाकरण कराया जा रहा है।
पशुपालक अमरजीत प्रधान, डायरेक्टर मदनपाल सिंह, ज्ञानेन्द्र सिंह, शमशाद, जितेन्द्र सिंह, ईश्वर त्यागी, निशांत महादेव के अनुसार कुछ पशुओं में अचानक सुस्ती, बुखार, भूख कम लगने और शरीर पर गांठें निकलने जैसे लक्षण दिखाई दिए हैं। बीमारी की आशंका को देखते हुए पशुपालक अपने स्तर से भी पशुओं को अलग रखने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रख रहे हैं।
पशु चिकित्सकों के अनुसार लंपी स्किन डिजीज एक वायरल बीमारी है, जो मुख्य रूप से मक्खी, मच्छर और चीचड़ जैसे खून चूसने वाले कीटों के जरिए फैलती है। बीमारी की आशंका वाले पशु को अन्य पशुओं से अलग रखना बेहद जरूरी है। पशुशाला की नियमित सफाई के साथ आसपास जलभराव और गंदगी न होने देने की भी सलाह दी गई है।
पशु चिकित्साधिकारी सरधना सुभाष मलिक ने बताया कि पशुपालक पशुओं में बुखार, शरीर पर गांठें, सुस्ती या दूध उत्पादन में अचानक कमी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल विभाग को सूचना दें। बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी तरह की दवा देने से बचना चाहिए। विभागीय अधिकारियों के अनुसार किसी गांव से पशु के बीमार होने की सूचना मिलने पर टीम भेजकर पशु की जांच कराई जाएगी। जरूरत के अनुसार उपचार और टीकाकरण की व्यवस्था की जाएगी।
पशुपालक पशु चिकित्सा संबंधी सहायता के लिए 1962 हेल्पलाइन पर भी संपर्क कर सकते हैं। पशुपालकों को पशुशाला साफ रखने, मक्खी-मच्छर और चीचड़ से बचाव के उपाय करने तथा बीमार पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने की सलाह दी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया कि बीमारी के लक्षण दिखने पर घबराने के बजाय तत्काल पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।