महिला अपराध के मुकदमों में थानों का हाल बहुत बुरा है। योगी सरकार के निर्देश के बाद एसएसपी ने मेरठ जनपद महिला अपराध का रिकॉर्ड खंगाला। जिसमें 550 से अधिक मुकदमों में पुलिस ने कोई संज्ञान ही नहीं लिया। यह मुकदमे दर्ज तो हुए। लेकिन आरोपियों पर मजबूत कार्रवाई नहीं हुई। अब पुलिस ने उक्त मुकदमों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू किया है।
कहां गायब हैं लड़कियां
पुलिस रिकॉर्ड में सन 2017 में 200 से अधिक लड़कियां व महिलाएं गायब हुई है। जिसमें 120 से अधिक महिलाएं अभी लापता चल रही हैं। जबकि सन 2016 में 155 और सन 2015 में 122 महिला लापता हुई थी। पुलिस का मानना है कि महिलाओं से जुड़े सभी अपराध सन 2017 में बढ़े, जोकि योगी सरकार को टेंशन दे रहे है।
हर थाने में 20 से 25 मुकदमे
बुधवार को मेडिकल थाने पहुंचीं एसएसपी ने बताया कि महिलाओं से जुड़े 20 से 25 मुकदमे हर थाने में ऐसे हैं जिनमें अभी चार्जशीट नहीं लगी। पहले दिन ही महिलाओं के मुकदमों में पुलिस की लापरवाही एसएसपी के सामने आई। एसएसपी का कहना है कि हर थाने की मॉनीटरिंग की जाएगी। पीड़ित महिलाओं को थाने बुलाकर मुकदमे की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी लेंगे।
सुनी जाएंगी शिकायतें
एसएसपी मंजिल सैनी का कहना है कि डीजीपी ओपी सिंह ने निर्देश दिए हैं कि महिला अपराध की खुद एसएसपी समीक्षा करेंगे। इसको लेकर हर थाने में एसएसपी को जाना होगा। पीड़ित महिला और विवेचक आमने सामने होंगे। विवेचक की लापरवाही मिली तो उसे तुरंत सस्पेंड किया जाएगा। महिला अपराध में विवेचक या थानेदार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
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