व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर घरेलू सिलिंडर से चिंता
गैस एजेंसी संचालक अपने स्तर से घरेलू गैस की कालाबाजारी से पूरी तरह से इन्कार कर रहे हैं। जबकि शिकायतों के बाद हुई पूर्ति विभाग की जांच में तीन गैस एजेंसियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। एजेंसी के हॉकर पर ही सिलिंडर की कालाबाजारी में एफआईआर दर्ज हुई है।
पूर्ति विभाग ने हापुड़ सड़क पर तीन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर 11 घरेलू गैस सिलिंडर पकड़े और मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद भी मुख्य मार्गों और गलियों में चाट-पकौड़ी के ठेलों व रेस्टोरेंट में धड़ल्ले से घरेलू गैस सिलिंडरों का उपयोग हो रहा है। पूर्ति विभाग का दावा है कि घरेलू गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए छापेमारी की जा रही है।
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समय से पहले ही सिलिंडर लेने पहुंच रहे लोग
एजेंसी संचालकों का कहना है कि गैस बुकिंग के लिए 25 दिन का अंतराल अनिवार्य किया गया है। इसके बाद भी लोग एक सिलिंडर लेने के कुछ दिनों बाद फिर से गैस एजेंसी पर आ जा रहे हैं।
उनका कहना है कि या तो ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो रही है या बुकिंग के बाद भी सिलिंडर नहीं मिल रहा। ऐसे लोगों के कारण ही एजेंसियों पर अधिक भीड़ जुट रही है। जब एजेंसी के कर्मचारी लोगों की गैस आपूर्ति का रिकॉर्ड कंप्यूटर में देखते हैं तो कुछ दिन पहले ही सिलिंडर आपूर्ति होने की बात सामने आती है। इसके लेकर लोगों की कर्मचारियों से बहस भी हो रही है।