सावधान, कहीं आपके घर पहुंचने वाला एलपीजी गैस सिलेंडर कम वजन का तो नहीं है। सिलेंडर लेते समय उसका वजन जरूर करा लें। क्योंकि शहर में बांटे जा रहे गैस सिलेंडरों से दो से तीन किलो तक कम गैस निकल रही है। इतना ही नहीं उपभोक्ताओं से गैस सिलेंडर पर 13 रुपये अधिक वसूले जा रहे हैं। सोमवार को ऐसा ही घटतौली का मामला हापुड़ रोड स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम की रमन गैस एजेंसी पर सामने आया। उपभोक्ताओं ने हंगामा किया तो एजेंसी संचालक ने सिलेंडर बदले।
जाकिर कालोनी निवासी गैस उपभोक्ता बाबुद्दीन सोमवार को गैस एजेंसी के बाहर खड़ी गाड़ी से सिलेंडर लेने पहुंचा। इनका कहना है कि गाड़ी पर तैनात हॉकर ने उनको जो गैस सिलेंडर दिया उसमें दो किलो गैस कम थी। जिसका खुलासा तौलने पर हुआ। दूसरा सिलेंडर तौला तो तीन किलो गैस कम थी। इस पर बाबुद्दीन ने हंगामा कर दिया। आसपास के लोग भी जमा हो हंगामे के बाद हॉकर ने सलेंडर बदला। इतना ही नहीं 737 रुपये का सिलेंडर 750 रुपये में दिया। सूचना पर अमर उजाला टीम पहुंची तो हॉकर मौके से निकल गया। उसने अपना नाम बताने से इंकार कर दिया।
हॉकर के पास होना चाहिए कांटा
पेट्रोलियम मंत्रालय के नियमानुसार किसी भी गैस एजेंसी के हॉकर के पास सिलेंडर तौलने के लिए कांटा होना चाहिए। लेकिन गैस की घटतौली का कारोबार करने वाले अधिकतर हॉकर अपने साथ कांटा लेकर नहीं चलते। इतना ही नहीं कई हॉकर तो उपभोक्ता की मांग पर भी सिलेंडर तौलकर नहीं देते।
सोया रहा बांट माप तौल विभाग
शहर में घटतौली के बाद भी बांट माप तौल विभाग के अधिकारी हाथ पर हाथ रखे बैठे हैं। शिकायत के बाद भी विभाग के अधिकारी छापामारी करने और व्यवस्था सुधार में कोई कदम नहीं उठा रहे हैं।
पिछले एक सप्ताह से मेरी मां की तबीयत खराब है। मैं बाहर थी। अगर किसी हॉकर ने कम गैस के सिलेंडर बांटे हैं तो हम दिखवाते हैं। संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ता की गैस से संबंधित हर समस्या का समाधान करने के लिए मैं स्वयं एजेंसी पर बैठती हूं।
नलिनी अहलूवालिया, डायरेक्टर रमन गैस एजेंसी।
गैस की घटतौली की शिकायत उनके पास नहीं पहुंची है। अगर ऐसा है तो विभाग अभियान चलाकर घटतौली करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। फिलहाल चुनाव में ड्यूटी है। विभाग में स्टाफ की भी कमी है। वह जनपद भर के लिए अकेले इंस्पेक्टर हैं।
आरके विक्रम, सीनियर इंस्पेक्टर, बांट माप तौल विभाग