स्थानीय निकाय चुनाव में प्रथम चरण के मतदान का प्रचार सोमवार शाम थम गया। मेरठ के 16 निकायों के लिए मतदान बुधवार को होगा। दिन में जमकर प्रचार करने के बाद उम्मीदवारों ने रात को छद्म प्रचार पर जोर दिया। वहीं, प्रशासन ने व्यवस्थाओं को चाक चौबंद करने के लिए मशक्कत की। सभी थाना क्षेत्रों की पुलिस एवं प्रशासनिक मजिस्ट्रेटों को अलर्ट किया गया कि वे अपने बूथों पर व्यवस्थाएं पूरी करा दें।
एक नगर निगम, दो नगर पालिकाओं और 13 नगर पंचायतों के लिए मतदान 22 नवंबर को होगा। इसके लिए प्रत्याशियों को प्रचार सोमवार शाम पांच बजे तक बंद करना था। नतीजा प्रत्याशियों ने अंतिम दिन पूरी ताकत लगा दी। रोड शो और घर-घर नारेबाजी के बीच जमकर प्रचार किया। वहीं, प्रत्याशियों और उनके समर्थकों द्वारा बैठकों के बीच चुनावी रणनीति तैयार करने, विपक्षियों की चालों को काटने पर मंथन करने और रूठों को मनाने का दौर शुरू हो गया है। प्रत्येक प्रत्याशी अंतिम समय में हर एक मतदाता के बीच अपना चेहरा दिखाने के लिए आतुर नजर आया। स्थिति ये थी कि शहर की हर गली, सड़क और बाजार में चुनाव का शोर रहा, जो शाम को थमा।
इस दौरान प्रमुख दलों के प्रत्याशियों ने स्थानीय शीर्ष नेतृत्व के साथ आगामी चुनावी रणनीति पर मंथन किया। नेताओं के कहने पर कुछ प्रत्याशियों ने कॉलोनियों में जाकर गुपचुप देर रात तक जनसंपर्क के बीच बैठकें भी की। वहीं, जो लोग नाराज थे, उन्हें भी मनाने का काम किया। उधर, प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी जमकर काम हुआ। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि चुनाव शांतिपूर्वक ढंग से कराया जाए।
आज जैसे कयामत की रात
मतदान 22 नवंबर को होना है। ऐसे में आज 21 नवंबर का दिन जहां सारी चुनावी कमी पूरी करने की कोशिशों से भरा होगा तो रात चुनावी भाषा में कयामत की रात होगी। इस दिन सभी प्रत्याशियों के खास समर्थक विपक्षी प्रत्याशियों के गढ़ में सेंधमारी के साथ उनकी चुनावी रणनीति की काट के लिए चाल चलेंगे। इस दौरान आपसी संघर्ष की संभावना को देखते हुए पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया है।