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जबरन 'लव जिहाद' का शिकार बनीं छात्रा ने बयां किया दर्द, थाने में दी थी यातनाएं

Thu, 27 Sep 2018 04:19 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ पुलिस की गाड़ी में पिटाई का वीडियो वायरल होने पर बुधवार को पीड़ित छात्रा सामने आ गई। छात्रा ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि मेडिकल थाने में भी उसे यातनाएं दी गईं। सहपाठी छात्र पर दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराने का दबाव डाला गया। सवाल उठता है कि आखिर पुलिस इस मामले को जबरन लव जिहाद का क्यों बनाना चाहती थी। 

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मेडिकल की इस पीड़ित छात्रा ने आरोप लगाते हुए बताया कि वह जागृति विहार में किराए पर रहने वाले सहपाठी छात्र के पास सहपाठी दो छात्राओं के साथ गई थी। दोनों छात्राएं बाजार में शॉपिंग करने चली गई थीं। वह भी मेडिकल वापस आने के लिए चलने वाली थी। तभी दर्जनों युवक वहां पहुंचे। मोहल्ले के लोगों की भीड़ लग गई। समझ नहीं आया कि आखिर एकदम क्या हो गया। खुद को हिंदू संगठन के कार्यकर्ता बताकर हम दोनों की पिटाई करने लगे। पुलिस भी पहुंच गई। दोनों को थाने लाया गया। 

आरोप लगाया कि गाड़ी में पुलिस ने अभद्रता की और फिर थाने में सहपाठी छात्र के खिलाफ केस दर्ज कराने का दबाव बनाया। मना किया तो उसको भी जेल भेजने की धमकी दी। बाद में एक पुलिस वाला बोला कि तुम्हें जमानत दे देंगे। तुम दूसरे समुदाय के युवक पर आरोप लगाकर तहरीर दे दो। मैंने मना किया कि जब कुछ गलत हुआ नहीं तो मैं क्यों लिखूं। बाद में परिजनों को बुलाया गया, तब जाकर वह अपने घर आई। थाने में पुलिस वाले के साथ कई लोग धमका रहे थे।

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पीड़ित छात्रा ने एक टीवी चैनल पर कहा
पीड़ित छात्रा ने टीवी चैनल पर कहा कि समाज में उसे बेइज्जत किया गया। अब वह चाहती है कि किसी दूसरी छात्रा का पुलिस ऐसा तमाशा न बनाए। पुलिस को लड़की की बात भी सुन लेनी चाहिए। मेरी और मेरे परिवार की छवि धूमिल करने में पुलिस की भूमिका है। 

आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस की गलती से यह तमाशा हुआ हैं। दूसरे समुदाय का युवक मेरा सहपाठी है। चार साल से मेडिकल में एक साथ पढ़ाई कर रहे हैं। मै सिर्फ लैपटॉप लेने उसके कमरे पर क्या गई कि मेरा मजाक बना दिया गया। बस अब वह चाहती है कि वीडियो डिलीट हो जाए और पुलिस दोबारा ऐसा गलती न करे। जिससे किसी छात्रा को इस समाज में बदनामी का दंश झेलना पड़े। पुलिस कम से कम लड़की की बात सुन ले। इस मामले में उसे कोई कार्रवाई नहीं करनी। जिसकी गलती है, वीडियो में साफ नजर आ रही है। पुलिस अधिकारी खुद कार्रवाई करें। 

फिर भी वीडियो वायरल 
पीड़ित छात्रा ने कहा कि वीडियो डिलीट होनी चाहिए। उसको वायरल न करें। इसके बावजूद भी छात्रा और पुलिस की यह वीडियो खूब वायरल हो रही है। सोशल साइट पर इसको लेकर खूब कमेंट हो रहे हैं। पुलिस वाले भी इसको वायरल करने में पीछे नहीं हैं। छात्रा के परिजनों का कहना है कि आरोपी पुलिस वालों और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं पर ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस अधिकारी अपने स्तर से जांच करें।

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