गांव वालों के मुताबिक मंगलवार को गांव में बिरादरी की पंचायत हुई। जिसमें मुकदमा वापस लेने और किशोरी को बरामद कराने की बात हुई। युवक के परिजनों पर किशोरी को बरामद कराने का दबाव बनाया गया। पंचायत में यह भी कहा गया कि किशोरी के बरामद होने के बाद उसकी और युवक की शादी करा दी जाए, लेकिन इस बात के लिए किशोरी के परिजन तैयार नहीं हुए।
आरोप है कि पंचायत में युवक के परिजनों को प्रताड़ित किया गया। युवक के परिजनों का कहना है कि पुलिस भी उनके घर आ रही थी। उन पर दबाव बनाया जा रहा था कि किशोरी को बरामद कराएं। वरना मुकदमा दर्ज कर पुलिस उन्हें थाने ले जाएगी। इस बात से युवक के परिजन डरे हुए थे। उन्हें इस समस्या से निकलने का कोई रास्ता दिखाई नहीं दे रहा था।
किशोरी के परिजन भी लगातार उन पर किशोरी को बरामद करने का दबाव बना रहे थे। इस बात को लेकर दंपती और उनकी बेटी ने जहर खा लिया। वहीं, पुलिस कह रही है कि सामाजिक लांछन के कारण तीनों ने जहर खाया है। एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह के मुताबिक इस मामले में दो पुलिसकर्मी आरोपी पक्ष के घर पर पूछताछ करने के लिए जरूर गए थे, लेकिन थाने किसी को नहीं लाया गया और न ही किसी को प्रताड़ित किया गया।
कुछ दिन पहले लाए थे रिश्ता
युवक की मां और बहन के मुताबिक उनके घर पर किशोरी के परिजन रोज आते थे और उनके साथ मारपीट कर प्रताड़ित करते थे। लड़की वाले रोजाना दस-बारह आदमी लेकर आते थे। कुछ दिन पहले उनके घर पर वह किशोरी का रिश्ता लेकर आए थे। बाद में उसका रिश्ता कहीं और तय कर दिया। किशोरी ने इसके बारे में युवक को बताया। इसके बाद किशोरी के परिजन उसको नाबालिग बताने लगे। पुलिस को उन्होंने इस बारे में नहीं बताया है।