दिसंबर 2017 में फर्जी कंपनी के नाम से खोला गया ऑफिस बंद कर दिया। इस मामले में क्राइम ब्रांच के अलावा साइबर सेल की टीम भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में दो महिला समेत जो भी आरोपी हैं उनकी तलाश में क्राइम ब्रांच दबिश दे रही है। जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ठगी के आरोप में पकड़े गये प्रदीप ने पूछताछ में बताया था कि उनके दिल्ली और हरियाणा में ऑफिस खोला गया था। तीन से चार माह में ही ऑफिस बंद कर दूसरी जगह खोले जाते थे।
एसपी क्राइम का कहना है कि इसमें रविवार को 11 अलग अलग लोगों ने भी फोन पर अपने साथ लाखों रुपये की ठगी होने के लिए संपर्क किया है। जिनमें गाजियाबाद निवासी एक बिल्डर भी शामिल हैं, जिनसे ठगी की गई है। जबकि मेरठ के कुछ लोगों ने फोन किया है। एसपी क्राइम का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कुछ महत्वपूर्ण तथ्य समाने आयेंगे। जिसके बाद पता चल सकेगा कि कंपनी ने कितने लोगों से ठगी की है।
बैंकों में जाकर की पुलिस करेगी जांच
एसपी क्राइम का कहना है कि जिन जिन बैंकों की अलग अलग शाखाओं में खाते खुलवाकर पैसा डलवाया गया है। उन बैंकों में जाकर पुलिस टीम जांच करेगी। बैंक में खाता किसकी आईडी पर खोला गया है। पुलिस का कहना है कि यह भी सामने आ रही है कि लालच देकर कुछ लोगों के प्रमाण पत्रों पर अलग अलग बैंक में खाते खुलवाए गये हैं। बैंक खातों की जांच के लिए एक इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिसकर्मियों की टीम गठित की गई है।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/